रविवार, 9 फ़रवरी 2020


The hindu and pib analysis in hindi 9 february 2020


व्यापार की दीवारों को बढ़ाने की उच्च लागत

 संदर्भ

भारत का अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर संरक्षणवाद रुख

 सारांश

आर्थिक रूप से परस्पर जुड़ी और तकनीकी रूप से अनुच्छेद दुनिया में भारत को व्यापार पर एक खुला दिमाग रखने की आवश्यकता है

 मुख्य तथ्य:

1 फरवरी बजट में निहित
तीन से चार फरवरी आसियान के नेतृत्व वाले आरसीसीपी व्यापार समझौते पर चर्चा में भारत का भाग लेने से इनकार

IQIP


GS-2

 दीपक्षी क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार.

 GS-3

 उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

GS-4

 अंतर्राष्ट्रीय नैतिकता

 बजट कैसे

FTAPTA को कई संदर्भों में समस्या बताया

परिणाम  50 से अधिक वस्तुओं के आयात पर शुल्क बढ़ाया, सीमा शुल्क अधिनियम के नियमों में परिवर्तन किया

* वित्त मंत्री


यह देखा गया है कि FTA के तहत आयात बढ़ रहा है
जिसने घरेलू उद्योग के लिए खतरा उत्पन्न कर दिया है
इस तरह के आयात के लिए कणे चेक  की आवश्यकता होती है

* लेखक


उद्देश्य भारतीय बाजारों को डोपिंग से बचाना हो सकता है मुख्य रूप से चीनी सामानों द्वारा


 व्यापार घाटे में वृद्धि


नवंबर 2019 RCEP वार्ता 16 देशों में
बाहर तर्क= व्यापार घाटे में वृद्धि
*आसियान (FTA)
*जापान (CEPA )
*दक्षिण कोरिया (CEPA)

 सभी समझौतों की समीक्षा

 ऐसा करना मुश्किल लेकिन कहना आसान यदि  भारत आरसीपी विराम लगाता है

तो दीपक्षी व्यापार समझौते पर बातचीत करना अन्य देशों के प्राथमिकता नहीं होगी.

 अंतिम बात

RCEP  के दरवाजे बंद
सार्क  को छोड़ दिया गया
भारत किसी भी क्षेत्रीय FTA का हिस्सा नहीं है

FOR PRELIMS

*FTA-PTA
*ASEAN &RCEP
*NAFTA
*MERCOSUR
*EUE
*AFCFTA
*GCC


 सजा प्रक्रिया की निष्पक्षता को उजागर करना


 संदर्भ:

निर्भया बलात्कार आरोपियों को अपनी सभी कानूनी अधिकारों का प्रयोग करने के लिए दिया गया 7 दिन का समय

 सारांश

न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष क्षमता की मांग करती है जो सजा की पर्याप्त आवश्यकता ओं के कारण होती हैं

 प्रमुख तथ्य:

 निष्पक्ष परीक्षन अधिकार


* public sentiment vs judicial process
“society cry for justice “

 एक महत्वपूर्ण मामला और रूपरेखा

 पहला:

सबसे पहले साल 1973 की जगमोहन बनाम स्टेट ऑफ पंजाब का हवाला दिया गया
इसमें सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की बेंच ने सुनवाई की

केस में फांसी की सजा की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए थे जिसमें बेंच ने इसे क्लियर कर वैध बताया था

दूसरा:

1980 में बच्चन सिंह बनाम स्टेट ऑफ पंजाब किस का हवाला दिया गया
इस केस में भी सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की बेंच ने फांसी की संविधान की वैधता पर उठे सवाल के बाद सजा को वैध ठहराया था
इसी केस में कोर्ट ने रेयरेस्ट ऑफ रेयर केशो का जिक्र किया था जिसमें फांसी की सजा दी जाएगी

 तीसरा:

1983 में मच्छी सिंह बनाम स्टेट ऑफ पंजाब मामले का
इस केस में रेयरेस्ट ऑफ रेयर के तहत आने वाले अपराध तय करने में 5 बिंदु का जिक्र किया गया था
यह थे-
* मैनर ऑफ़  कमीशन ऑफ क्राइम यानी अपराध का तरीका
* मोटिव ऑफ क्राइम यानि  अपराध का मकसद
* सोशल एवोरेस  ऑफ़ क्राइम यानी अपराध से समाज पर क्या प्रभाव पड़ा
* मैग्रीटुड ऑफ क्राइम यानी अपराध की भयावहता
 पर्सनैलिटी ऑफ विक्टिम यानी पीड़ित  का व्यक्तित्व

 चौथा:

1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के केस का  भी सरकारी  वकील ने हवाला दिया

उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मी बयंत सिंह व सतवंत सिंह ने हत्याकांड किया था

बयंत  सिंह को अन्य सुरक्षाकर्मियों ने वही मार गिराया था, जबकि सतवंत सिंह को साल 1988 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी दी
“ क्या आजीवन कारावास का वैकल्पिक विकल्प निर्विवाद रूप से दिया गया है”

 आजीवन करावास का मुद्दा

सामूहिक विवेक
अपराधिक न्याय प्रणाली में जनता का विश्वास

 ट्रंप आगे बढ़ते हैं

 संदर्भ:

 ट्रम का सीनेट में महाभियोग की आरोपों से बरी होना

 सारांश:

 आरोपों की गंभीरता के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति वरी होने के बाद मजबूत

 आरोप क्या था?

महाभियोग की प्रक्रिया कब शुरू की गई जब एक अनजान आदमी विसलब्लोअर ने सितंबर में संसद से शिकायत की थी कि जुलाई में राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति को फोन किया था

ट्रम पर आरोप है कि उस फोन काल में उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर  से कहा था कि अगर वह अमेरिका से सैन्य मदद चाहते हैं तो यूक्रेन को कुछ जांच शुरू करनी होगी जिससे ट्रम्प  को राजनीतिक लाभ होगा

फोन पर हुई इस बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति से कथित तौर पर जो वाईडेन ( अगले साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के संभावित उम्मीदवार) और उनकी बेटी हंटर वाइडेन  के  खिलाफ जांच करने के लिए कहा था

 शपथ की नैतिकता

राष्ट्रपति ट्रंप ने 2020 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में यूक्रेन के हस्तक्षेप करने के लिए दबाव डालकर राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया है और अमेरिका के लोगों के प्रति ली गई शपथ को भी तोड़ा है



 मातृत्व लाभ के लिए लंबा इंतजार


 संदर्भ सारांश:

पीएम मोदी द्वारा 3 वर्ष पूर्व घोषित पीएम मातृ वंदना योजना की ने गर्भवती माताओं को जीवनदान दिया है

गुजरात के जनजाति जिले दाहोद में जागृति चंद्र का सर्वे
 सर विकार निष्कर्ष

हक प्राप्त करने के लिए माताओं का संघर्ष क्यों की योजना कागजी कार्यवाही की नौकरशाही चक्रव्यूह में उलझ जाती है

 प्रमुख तथ्य: पीएम मातृ वंदना योजना

* 2017 से लागू
* उद्देश्य:

काम करने वाली महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई करने के लिए मौजा देना और उनकी उचित आराम और पोषण  को सुनिश्चित करना

गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य में सुधार और नकदी प्रोत्साहन के माध्यम से अधीन पोषण के प्रभाव को कम करना


 योजना की मुख्य बातें:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा पीएम मातृ वंदना योजना को जनवरी 2017 में शुरू किया गया था इसके तहत गर्भवती ओं को पौष्टिक आहार के लिए सीधे उनके खाते में रुपए सहायता राशि भेजी जाएगी

इस योजना पर सीधे प्रधानमंत्री व राज्यों के मुख्यमंत्री निगरानी रखेंगे

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन दोनों परिजनों से पहली बार गर्भवती होने वाली ग्रामीण महिला के खाते में कुल ₹6400 व शहरी गर्भवती के खाते में कुल ₹6000 पहुंचेंगे

इस प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के द्वारा पात्र गर्भवती महिलाओं को पहली किस्त में ₹1000 गर्व के 150 दिनों के अंदर दूसरी किस्त में ₹2000 180 दिनों के अंदर व तीसरी किस्त में 2000 प्रसव के  बाद शिशु के प्रथम टीकाकरण चक्र पूरा होने पर मिलेंगे

इस पर योजनाओं का लाभ लेने के लिए अपनी नजदीक स्वास्थ्य केंद्र पर गर्भवती ओपो अपना आधार व खाता नंबर देना होगा

Source - the hindu


शनिवार, 8 फ़रवरी 2020

The hindu analysis

अनौपचारिक की पुकार 

 संदर्भ/ सारांश: 

भारत की छोटी उद्यमियों ग्रामीण इलाकों और शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.

How to Use

Gs paper -3 (economics )

Unit -

 उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव

Previous year question 

– भारतीय अर्थव्यवस्था में वैश्वीकरण के परिणाम स्वरूप औपचारिक क्षेत्र में रोजगार कैसे कम हुए? क्या बढ़ती औपचारिकता देश के विकास के लिए हानिकारक है? (2016)

Gs-1 (unit  7) 

गरीबी और विकासात्मक विषय

Gs-2) 

सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्र में विकास के लिए हस्तक्षेप और उनकी अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय.

(Unit 11)

 विकास प्रक्रिया

Gs -3 ( unit 1)

भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोजगार से संबंधित विषय

Unit 2) 

 समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय

Unit 3)

उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव,  औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव

 प्रमुख तथ्य

 शोध पत्र-1

Paper published by the national bureau of economic research, economic seema  jayachandran that there is no strong evidence from studies conducted in meny developing countries that formalisation improves business outcome.

 कोई मजबूत समूह नहीं की है कि औपचारिकता व्यवसाय की परिणामों में सुधार करती है.

 शोध पत्र -2

A background paper for the international labour organization (ilo), economist  santosh calls formalisation an evolutionary process during which small, informal enterprise learn the capabilities required to operatein a more formal global economy.
They can’t be fourced to formalise.

औपचारिकता एक विकास प्रक्रिया-  छोटी अनौपचारिक उद्यम अधिक औपचारिक वैश्विक अर्थव्यवस्था में काम करने के लिए आवश्यक क्षमताओं को सीखते हैं.

- औपचारिक करण के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता

 संगठित और असंगठित क्षेत्र मैं अंतर

 संगठित क्षेत्र-

इसमें सरकार द्वारा पूर्ण निगरानी की जाती है

इसमें शामिल गतिविधियों को सकल घरेलू उत्पाद( जीडीपी) में शामिल किया जाता है.

औपचारिक क्षेत्र विशिष्ट कार्य घंटों और नियमित मजदूरी वाली सभी नौकरियों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसमें कार्यकर्ताओं की रोजगार की सुरक्षा होती है.

श्रमिकों को सरकार,  राज्य या निजी क्षेत्र के उद्यमों द्वारा नियोजित किया जाता है.

यह एक लाइसेंस प्राप्त संगठन है और करों का भुगतान करने के लिए उत्तरदाई है इसमें बड़े पैमाने पर परिचालन जैसे बैंक और अन्य निगम शामिल है.

 असंगठित क्षेत्र-

इस क्षेत्र में सरकार का कोई विशेष हस्तक्षेप नहीं होता है. इसमें छोटी-छोटी और बिखरी इकाइयां आती है जो अधिकांश सरकारी नियंत्रण से बाहर होती है.

असंगठित क्षेत्र में ना किसी प्रकार का कर लगाया जाता है और ना ही इनकी गतिविधियों का जीडीपी और सकल राष्ट्रीय उत्पाद( जीएनपी) में शामिल किया जाता है.
यहां कर्मचारी या श्रमिक किसी नियमित काम की घंटे और मजदूरी के आधार पर कार्य नहीं करते हैं.

यह मुख्य रूप से छोटे पैमाने पर रोजगार और आय उत्पन्न करने की प्राथमिक उद्देश्य के साथ वस्तुओं और सेवाओं के प्राथमिक उत्पादन से संबंधित है.

 फेरी वाला इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है जो अपने जीवन निर्वाह के लिए अपने कृषि उत्पादों का विक्रय करता है.

यह एक लाइसेंस प्राप्त संगठन नहीं है और न ही इनके द्वारा करो का भुगतान किया जाता है.

औपचारिकता जाल The formalisation trap:

The key question here is : 

who benefits from formalisation of informal firms?

बैंकों की अंतिम मील लागत कम

राज्य को करें एवं निगरानी सहूलियत

 औपचारिकता के लिए नीति क्यों?

बेरोजगारी एवं मंदी का समाधान

औपचारिक क्षेत्र में शामिल होने के लिए अपर्याप्त कौशल और संपत्ति वालों का सहारा

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत भागीदारी

 औपचारिकता में वृद्धि क्यों? औपचारिक क्षेत्र में प्रयुक्त प्रौद्योगिकी में प्रकृति नए व्यवसाय मॉडल का उद्भव गीग  अर्थव्यवस्था का विकास.

 औपचारिकता में वृद्धि क्यों?

अनौपचारिक क्षेत्र में प्रयुक्त प्रौद्योगिकियों में प्रगति
नए व्यवसाय मॉडल का उद्भव
गिग  अर्थव्यवस्था का विकास

नीतियों को फिर से बनाना

 भारत में नौकरियां आय और विकास की चुनौतियों को देखते हुए नीतियों की पुनः रचना की आवश्यकता है.

काम पर उनकी सुरक्षा
उनकी गरिमा
नियोक्ताओं द्वारा उनका उचित उपचार

एक डेटा फायरवॉल के लिए

 संदर्भ

जर्मन साइबर सिक्योरिटी फॉर्म की रिपोर्ट= लाखों भारतीय मरीजों के मेडिकल विवरण का लीक होना और इंटरनेट पर स्वतंत्र रूप से उपलब्ध होना( सीटी स्कैन, एम आर आई, रोगियों की तस्वीर)

 सारांश: 

चिकित्सा जानकारी का रिसाव डेटा सुरक्षा कानून की तत्काल आवश्यकता के लिए बोलता है.

 प्रमुख तथ्य-

 इस डेटा की उपलब्धता का कारण चिकित्सा पेशेवरों  द्वारा उपयोग किए जाने वाले
पिक्चर आर्काइविंग एंड कम्युनिकेशन सिस्टम PACS सरवर में किसी भी सुरक्षा की अनुपस्थिति है

और जो बिना सुरक्षा के सार्वजनिक इंटरनेट से जुड़े हुए प्रतीत होते हैं

 क्या नुकसान-

सोशल इंजीनियरिंग फिशिंग और ऑनलाइन पहचान की चोरी
दुरुपयोग= डार्क नेट
P2P

 भारत में डाटा सुरक्षा कानून की स्थिति

यूरोपीय संघ और अमेरिका में डाटा सुरक्षा नियमों के विपरीत व्यापक कानूनी ढांचे का अभाव

ड्राफ्ट पर्सनल डाटा प्रोटक्शन बिल 2019


 बिल न्यायमूर्ति बीएन श्रीकृष्ण समिति की अनुशंसा पर आधारित:

बिल के मुताबिक कोई भी निजी या सरकारी संस्था किसी व्यक्ति के डाटा का उसकी अनुमति के बिना इस्तेमाल नहीं कर सकती.

मेडिकल इमरजेंसी और राज्य या केंद्र की लाभकारी योजनाओं के लिए ऐसा किया जा सकता है.

किसी भी व्यक्ति को उसकी डाटा के संबंध में अहम अधिकार होंगे.

संबंधित व्यक्ति अपने डेटा में करेक्शन या फिर संस्था के पास मौजूद डाटा तक एक्सेस मांग सकता है.

किसी भी संस्था को संबंधित व्यक्ति को डाटा के यूज के बारे में बताना होगा.

हालांकि विधेयक में में राष्ट्रीय हित से जुड़े मसलों पर डाटा की यूज़ की अनुमति होगी.

जैसे- राष्ट्रीय सुरक्षा, कानूनी कारवाही और पत्रकारिता के उद्देश्यों से इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा.

डाटा जुटाने वाली संस्थाओं की निगरानी के लिए डाटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी स्थापित करने का भी प्रावधान है

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस श्रीकृष्ण के नेतृत्व वाली कमेटी ने डाटा प्रोटेक्शन को  लेकर एक रिपोर्ट पेश की थी जिसके आधार पर यह बिल तैयार किया गया है.

यूरोपियन यूनियन के जनरल डाटा प्रोटेक्शन रेगुलेटर की तर्ज पर इस बिल का ड्राफ्ट तैयार किया गया है.

 संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा को थर्ड पार्टी को बेचना या स्थानांतरित करने “अपराध” वाले प्रावधान को ड्राफ्ट पर्सनल ड्राफ्ट प्रोटक्शन बिल 2019 से हटा दिया गया है

आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा 6 फरवरी 2020

 संदर्भ

आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा 6 फरवरी 2020

 सारांश: 

विकास को बढ़ावा देने की आरबीआई के प्रयासों से अर्थव्यवस्था में धारणा बदल सकती है

 प्रमुख तथ्य:

ब्याज दरों को घटाने के लिए अब बैंक सिर्फ रेपो रेट घटाने बढ़ाने की भरोसे नहीं रहेगा
ऑटो लोन,  होम लोन और छोटी और मझोली औद्योगिक इकाइयों को ज्यादा कर्ज देने वाले बैंकों के लिए ‘नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर)’ के नियमों में रियायत दी जाएगी.
यह रियायत तभी से लेकर 31 जुलाई तक मिलेगी

आरबीआई ने बैंकों को एक लाख करोड़ रुपए की राशि बहुत ही कम दर पर (रेपो रेट) पर 1 से 3 वर्ष तक के लिए उपलब्ध कराने की घोषणा की है.

* रेपो रेट अभी 5.15 फीसदी  है अगर इसमें बैंकों की 2.5 फीसदी  संचालन लागत जोड़ दें

तो भी ग्राहकों को 8 फीसदी  से नीचे की दर पर कर्ज उपलब्ध कराया जा सकता है.

बैंक जिस सुविधा के तहत अपनी अतिरिक्त पूंजी कुछ दिनों के लिए आरबीआई के पास जमा करा देते थे उसे खत्म कर दिया गया है

* बैंकों को अतिरिक्त बची हुई राशि का कर्ज बांटने में इस्तेमाल करना होगा या फिर सरकारी बॉन्ड्स में निवेश करना होगा.

 क्या विकास को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए बजट पर्याप्त है? 

 संदर्भ /सारांश

बाधाओं के बावजूद खर्च में कटौती नहीं करने से बजट सुनिश्चित करता है कि गति पीछे ना हटे

 प्रमुख प्रश्न उत्तर: 

Q. आर्थिक सर्वेक्षण ने केंद्रीय विषय के रूप में धन सृजन पर जोर दिया है| क्या बजट इसे संबोधित करता है?  यदि ऐसा है तो किस हद तक? 

 अनंत नारायण= अच्छे संकेत

 तीन विषय

आकांक्षा तक भारत
आर्थिक विकास
देखभाल करने वाला समाज

 बजट में खर्च करने में कटौती नहीं की:

जीडीपी में वृद्धि
कृषि, सिंचाई, स्टार्टअप्स 8

 निराशाजनक संकेत : संरचनात्मक स्तर पर

बैंक एवं एनबीएफसी इकोसिस्टम
विद्युत,  टेलीकॉम, एयरलाइन, शिपिंग, रियल स्टेट 

निर्माण में संरचनात्मक मुद्दे


एफडीआई वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला= चीन को रिप्लेस करना

 निष्कर्ष

पर्याप्त धन सृजन के संकेत नहीं दिखता
सुधार केवल बजट में ही नहीं होनी चाहिए वे अलग से भी हो सकता है.

Q. क्या बजट सरकार की डॉलर 5 ट्रिलियन लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अर्थव्यवस्था को ट्रैक पर रखने में मदद करता है? 

Ans-cross चिन्ह
पर नाटकीय सुधार भी हो सकते हैं क्योंकि हमारी क्षमता अधिक है
* बैंक + एनबीएफसी रिफॉर्म

Source -The hindu


बुधवार, 5 फ़रवरी 2020

Health fitness tips in hindi

जबरदस्त फिटनेस

Health fitness tips in hindi, जबरदस्त फिटनेस टिप्स


आज की बदलती लाइफ स्टाइल में सबसे बड़ी चुनौती है खुदको फिट रखना।

फिट रहना तो सब चाहते हैं लेकिन समय अभाव के चलते बहुत ही कम लोग जानते हैं

 कि कैसे छोटी-छोटी बातों को अपनाकर स्वस्थ और फिट रहा जाता सकता है।
आज हम आपको वो 8 आसान तरीके बता रहे हैं जिनको आजमाकर आप अपनी हेल्थ सुधार सकते हैं।
 स्वास्थ्य और जबरदस्त फिटनेस हासिल करने के लिए आपको घंटो जिम में पसीना बहाने की जरूरत नहीं है।

 कुछ आसान उपायों को आप अपने रूटीन में अपनाकर बेहतर फिटनेस हासिल कर सकते हैं।

आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही उपाय जो आपको हमेशा फिट रखेंगे।

1.सुबह जल्दी उठना

सुबह जल्दी उठने और रात को जल्दी सोने की आदत बनाएं।
एक सेडुल बना लीजिये की कितने बजे सोना है और कब उठाना है

 और ध्यान रखें आप  जबरदस्त नींद ले  6 घंटे जरूर सोये  सिर्फ इतना करने से ही आपकी स्वास्थ्य संबंधित आधी से अधिक समस्याएं दूर हो जाएंगी,
और आप अपने जीवन भारत कभी मोटापा का सामना नही करेंगे |

2. घूमने के लिए निकालें समय


पैसा कमाने के लिए मशीन न बनें बल्कि अपने पूरे परिवार के साथ दो तीन माह में कुछ दिनों के लिए कहीं बाहर घूमने जाएं।

इस दौरान ऑफिस के कामों की टेंशन से दूर पिकनिक को पूरा इंजॉय करें।

 और टेंशन से दूर रहे अपने फैमली के साथ एन्जॉय करे

3. 10 मिनट एक्सरसाइज का देखें कमाल

Health fitness tips in hindi, जबरदस्त फिटनेस टिप्स

सुबस उठे और अपने लिए सिर्फ 10 मिनट निकालें।

 इन 10 मिनट में पार्क में जाकर हल्की दौड़, योगा, बॉडी वेट एक्ससाइज आदि में से आपको जो भी पसंद हो जरूर करें।
ये सब करने से आपका माइंड भी फ्रेश हो  जायेगा, आप दिन भर कूल महसूस करोगे और हमेसा फिट रहोगे.

4. ब्रेकफास्ट रखेगा एनर्जी से भरपूर

Health fitness tips in hindi, जबरदस्त फिटनेस टिप्स

सुबह में हेल्थी ब्रेकफास्ट बेहद जरूरी है। ब्रेकफास्ट ठीक से न करने पर आपको थकान लगना और वजन बढ़ने जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

कुछ लोग अपने काम में इतना बिजी रहते है की सुबह का नास्ता नही करते, लेकिन ये नही जानते की इसका नुकसान कितना होता है,

आप यदि सुबह दोपहर और शाम टाइम से खाना नही खाओगे तो बहुत से शारीरिक कष्ट का सामना करना पड़ सकता है

जैसे - गैस का प्रॉब्लम

5. ऐसे करें कैलोरी बर्न

Health fitness tips in hindi, जबरदस्त फिटनेस टिप्स

अक्सर लोग आफिस में सीढ़ियों के बजाये लिफ्ट का प्रयोग करते है , लोग अक्सर ये सब आलस के कारण करते है,

जबकि उन लोगो को पता होता है, की सायद ओ लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करते तो उन्हें  मोटापा का सामना नही करना पडता

इसलिए ऑफिस में लिफ्ट का इस्तेमाल न करें, बल्कि सीढ़ियों का उपयोग करें।

इससे आप शरीर में मौजूद अतिरिक्त कैलोरी को बर्न करने में कामयाब रहेंगे।

6. डिनर में इस बात का रखें ध्यान

Health fitness tips in hindi, जबरदस्त फिटनेस टिप्स

हमेशा आपकी कोशिश होनी चाहिए कि रात को डिनर आठ बजे तक जरूर कर लें।

डिनर में जितना संभव हो कम से कम खाएं। और हमेसा डिनर में रोटी ही खाये, चावल नही

 क्युकी ज्यादा चावल खाने से भी मोटापा बढ़ता है इसके अलावा रात में आपको मीठा का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।

7. सप्ताह में एक बार फॉस्ट फूड

Health fitness tips in hindi, जबरदस्त फिटनेस टिप्स

आज कल के जवाने में हर एक व्यक्ति चाहे वो बच्चा हो या बूढा सब का मन फ़ास्ट फ़ूड खाने के लिए करता है,

और सब को पता होता है की फ़ास्ट फ़ूड हेल्थ के लिए हानिकारक होता है, फिर भी खाते है,  और मोटापा बढ़ता जाता है
यदि आपको फिट रहना है तो आज से फॉस्ट फूड खाने का बहुत मन करे तो इसके लिए सप्ताह का कोई एक दिन निर्धारित कर लें

और इस दिन फॉस्ट फूड को इंजॉय करें। ज्यादा फॉस्ट फूड खाने से आप मोटापे का शिकार हो जाते हैं।

8. खूब खाएं सलाद

Health fitness tips in hindi, जबरदस्त फिटनेस टिप्स

भोजन में कच्ची चीजें खूब खाएं। खाने के साथ सलाद का अधिक से अधिक सेवन करें।

अक्सर लोग खाने के साथ सलाद खाना पसंद भी करते है

सुबह हो सके तो थोड़ा  अंकुरित चना भी ख लेना चाहिए  भोजन में अंकुरित चनों और दालों को शामिल जरूर करे |

9. मौसमी फलों का सेवन


मौसमी फलों का अधिक से अधिक सेवन करने से आप बीमारियों से दूर रहते हैं।

मौसमी फल जैसे - अमरूद, सरीफा, बैर इत्यादि

 इन फलों को अपने ब्रेकफास्ट और लंच में शामिल करें। इनके जूस का सेवन भी आप कर सकते हैं।

10. स्नैक्स में शामिल करें ड्राईफ्रूट्स

Health fitness tips in hindi, जबरदस्त फिटनेस टिप्स

सुबह और शाम के स्नैक्स में ड्राईफ्रूट्स को शामिल करें। इस दौरान एक नियत मात्रा में ड्राईफ्रूट्स का सेवन आपकी सेहत के लिए अच्छा रहता है।

11. खूब पिएं पानी

गर्मी का मौसम हो या सर्दी का दिनभर में कम से कम तीन से चार लीटर पानी अवश्य पिएं।

क्योंकि कम पानी पीने से हम कई तरह की बीमारियों का शिकार हो सकते हैं


12. खाने के बाद न पिएं पानी


खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीने की आदत छोड़े। इससे आपका खाना ठीक से हजम नहीं होता है।

खाना खाने और पानी पीने में कम से कम 30 से 50 मिनट का अंतर होना चाहिए।

13. फ्रिज के ठंडे पानी से बचें

Health fitness tips in hindi, जबरदस्त फिटनेस टिप्स

अक्सर हम गर्म धूप में से आते है  तो तुरंत पानी मांगते है ऐसा कभी ना करे
 गर्मी से आकर कभी भी एकदम से फ्रिज का ठंडा पानी न पिएं, ये आपके शरीर को कमजोर करता है। फ्रिज के पानी में हमेशा ताजा जल मिलाकर ही पिएं।

मंगलवार, 4 फ़रवरी 2020

  • Nelson Mandela -quotes, facts &death -biography

Nelson Mandela -quotes, facts &death -biography  in hindi

 दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति थे, जिन्हें उनके रंगभेद विरोधी काम के लिए जेल में समय के बाद चुना गया था।

 उन्होंने 1993 में नोबेल शांति पुरस्कार जीता।

नेल्सन मंडेला कौन थे?


नेल्सन मंडेला एक सामाजिक अधिकार कार्यकर्ता, राजनीतिज्ञ और परोपकारी थे, जो 1994 से 1999 तक दक्षिण अफ्रीका के पहले अश्वेत राष्ट्रपति बने।

20 के दशक में रंगभेद विरोधी आंदोलन में शामिल होने के बाद, मंडेला 1942 में अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए।

 दक्षिण अफ्रीकी सरकार और उसकी नस्लवादी नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण, अहिंसक अवज्ञा के अभियान का निर्देशन किया।


1962 में शुरू हुआ, मंडेला ने राजनीतिक अपराधों के लिए 27 साल जेल में बिताए।

1993 में, मंडेला और दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति F.W. de Klerk को संयुक्त रूप से देश के रंगभेद व्यवस्था को खत्म करने के प्रयासों के लिए शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

 आने वाली पीढ़ियों के लिए, मंडेला दुनिया भर में नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा।

प्रारंभिक जीवन


मंडेला का जन्म 18 जुलाई, 1918 को दक्षिण अफ्रीका के ट्रांसकेई में मबाशे नदी के तट पर म्वेज़ो के छोटे से गाँव में हुआ था।

उनका जन्म का नाम रोलीहलला मंडेला था। मंडेला के पिता ने कई वर्षों तक आदिवासी प्रमुखों के परामर्शदाता के रूप में काम किया,

लेकिन स्थानीय औपनिवेशिक मजिस्ट्रेट के साथ एक विवाद पर अपना शीर्षक और भाग्य दोनों खो दिया।

मंडेला उस समय केवल एक शिशु थे, और उनके पिता की स्थिति की हानि ने उनकी माँ को परिवार को क्यूवू, यहां तक कि मावेज़ो के एक छोटे से गांव से दूर स्थानांतरित करने के लिए मजबूर किया।

गाँव को एक संकीर्ण घास की घाटी में बसाया गया था; सड़कें नहीं थीं, केवल पगडंडियाँ थीं जो चारागाहों से जुड़ी थीं जहाँ पशुधन चरते थे।


यह परिवार झोपड़ियों में रहता था और मक्का, शर्बत, कद्दू और फलियों की स्थानीय फसल खाता था, जो कि वे सब खर्च कर सकते थे।

झरनों और नालों से पानी आता था और बाहर से खाना बनाया जाता था।

मंडेला ने युवा लड़कों के खेल खेले, जिसमें उन्होंने पेड़ की शाखाओं और मिट्टी सहित उपलब्ध प्राकृतिक सामग्रियों से बने खिलौनों के साथ पुरुष के सही-सही परिदृश्यों का अभिनय किया।

शिक्षा

अपने पिता के दोस्तों में से एक के सुझाव पर, मंडेला को मेथोडिस्ट चर्च में बपतिस्मा दिया गया।

वह स्कूल जाने के लिए अपने परिवार में पहला बन गया। जैसा कि उस समय कस्टम था,

 और शायद दक्षिण अफ्रीका में ब्रिटिश शैक्षिक प्रणाली के पूर्वाग्रह के कारण, मंडेला के शिक्षक ने उन्हें बताया कि उनका नया पहला नाम नेल्सन होगा।

जब मंडेला नौ साल के थे, उनके पिता की फेफड़ों की बीमारी से मृत्यु हो गई,

जिससे उनका जीवन नाटकीय रूप से बदल गया। उन्हें मुख्य जोंतिंटबा दलिंडेबो द्वारा अपनाया गया था,

जो द थम्बू लोगों के अभिनय क्षेत्र - मंडेला के पिता के पक्ष में किया गया एक इशारा है, जिसने सालों पहले जोंगिन्ताबा को प्रमुख बनाने की सिफारिश की थी।

मंडेला ने बाद में लापरवाह जीवन को छोड़ दिया जिसे वह क्यूनू में जानता था,

उसे डर था कि वह फिर कभी अपने गांव को नहीं देखेगा। उन्होंने मोटरकार द्वारा मुंबेकेवनी, प्रांतीय राजधानी थम्बुलैंड की यात्रा की,

जो कि प्रमुख के शाही आवास तक थी। यद्यपि वह अपने प्रिय Qunu गाँव को नहीं भूला था, वह जल्दी से Mqhekezweni के नए, अधिक परिष्कृत परिवेश के अनुकूल हो गया


मंडेला को रीजेंट के दो अन्य बच्चों, उनके बेटे और सबसे पुराने बच्चे, जस्टिस और बेटी नमाफू के रूप में समान दर्जा और जिम्मेदारियां दी गईं।

 मंडेला ने राजमहल के बगल में एक कमरे के स्कूल में कक्षाएं लीं, जिसमें अंग्रेजी, Xhosa, इतिहास और भूगोल का अध्ययन किया गया।


यह इस अवधि के दौरान था कि मंडेला ने अफ्रीकी इतिहास में रुचि विकसित की, जो बड़े सरदारों से लेकर आधिकारिक व्यवसाय में ग्रेट पैलेस में आए थे।

 उन्होंने सीखा कि कैसे गोरे लोगों के आने तक अफ्रीकी लोग सापेक्ष शांति में रहते थे।

बड़ों के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका के बच्चे पहले भाइयों के रूप में रहते थे, लेकिन गोरे लोगों ने इस संगति को तोड़ दिया।

जहां अश्वेत लोगों ने अपनी जमीन, हवा और पानी को गोरों के साथ साझा किया, वहीं गोरे लोगों ने इन सभी चीजों को अपने लिए ले लिया।

राजनीतिक जागृति


जब मंडेला 16 साल के थे, तब उनके लिए मर्दानगी में प्रवेश करने के लिए पारंपरिक अफ्रीकी खतना अनुष्ठान में भाग लेने का समय था।

खतना का समारोह केवल एक शल्य प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि मर्दानगी की तैयारी में एक विस्तृत अनुष्ठान था।

अफ्रीकी परंपरा में, एक खतनारहित व्यक्ति अपने पिता के धन को विरासत में नहीं दे सकता है,

आदिवासी अनुष्ठानों में शादी या अपमान कर सकता है। मंडेला ने 25 अन्य लड़कों के साथ समारोह में भाग लिया।

उन्होंने अपने लोगों के रीति-रिवाजों में भागीदारी करने के अवसर का स्वागत किया और लड़कपन से मर्दानगी में बदलाव लाने के लिए तैयार महसूस किया।


कार्यवाही के दौरान उनका मूड बदल गया, हालांकि, जब समारोह में मुख्य वक्ता चीफ मेलिगकिलि ने युवकों से दुखी होकर बताया कि वे अपने देश में गुलाम थे।

क्योंकि उनकी जमीन गोरे लोगों द्वारा नियंत्रित की जाती थी, उनके पास खुद को शासन करने की शक्ति कभी नहीं होगी, प्रमुख ने कहा।

वह विलाप करने के लिए चला गया कि युवकों का वादा पूरा हो जाएगा क्योंकि वे गोरे लोगों के लिए जीवन यापन करने और दिमागी कार्य करने के लिए संघर्ष करते थे।

 मंडेला ने बाद में कहा था कि जब प्रमुख के शब्दों का उस समय कोई मतलब नहीं था, वे अंततः एक स्वतंत्र दक्षिण अफ्रीका के लिए अपना संकल्प तैयार करेंगे।

1939 में, मंडेला ने फोर्ट हरे के विश्वविद्यालय में दाखिला लिया, जो उस समय दक्षिण अफ्रीका में अश्वेतों के लिए उच्च शिक्षा का एकमात्र आवासीय केंद्र था।

 फोर्ट हरे को अफ्रीका का हार्वर्ड के समकक्ष माना जाता था, जो उप-सहारा अफ्रीका के सभी हिस्सों के विद्वानों को आकर्षित करता था।

विश्वविद्यालय में अपने पहले वर्ष में, मंडेला ने आवश्यक पाठ्यक्रम ले लिए,

 लेकिन एक दुभाषिया या क्लर्क के रूप में सिविल सेवा में करियर की तैयारी के लिए रोमन-डच कानून पर ध्यान केंद्रित किया -

 जो कि एक काला आदमी उस समय प्राप्त कर सकता है सबसे अच्छा पेशा माना जाता है।

University life

रीजेंट जोंगिन्ताबा की संरक्षकता के तहत, मंडेला को उच्च पद संभालने के लिए तैयार किया गया था,

एक प्रमुख के रूप में नहीं, बल्कि एक परामर्शदाता। अम्बु रॉयल्टी के रूप में, मंडेला एक वेस्लीयन मिशन स्कूल, क्लार्कबरी बोर्डिंग इंस्टीट्यूट और वेस्लेयन कॉलेज में भाग लिया,

जहाँ, बाद में, उन्होंने कहा, "सादे कठिन परिश्रम" के माध्यम से उन्होंने शैक्षणिक सफलता हासिल की।

उन्होंने ट्रैक और बॉक्सिंग में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मंडेला को शुरू में उनके वेस्लीयन सहपाठियों द्वारा "देश का लड़का" कहा गया था,

लेकिन अंततः उनकी पहली महिला मित्र, मथोना सहित कई छात्रों से दोस्ती हो गई।


1939 में, मंडेला ने फोर्ट हरे के विश्वविद्यालय में दाखिला लिया,

जो उस समय दक्षिण अफ्रीका में अश्वेतों के लिए उच्च शिक्षा का एकमात्र आवासीय केंद्र था।

 फोर्ट हरे को अफ्रीका का हार्वर्ड के समकक्ष माना जाता था, जो उप-सहारा अफ्रीका के सभी हिस्सों के विद्वानों को आकर्षित करता था।

विश्वविद्यालय में अपने पहले वर्ष में, मंडेला ने आवश्यक पाठ्यक्रम ले लिए,

लेकिन एक दुभाषिया या क्लर्क के रूप में सिविल सेवा में करियर की तैयारी के लिए रोमन-डच कानून पर ध्यान केंद्रित किया

 - जो कि एक काला आदमी उस समय प्राप्त कर सकता है सबसे अच्छा पेशा माना जाता है।



छात्र बहुमत के साथ, मंडेला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इसे असंवेदनशीलता के कार्य के रूप में देखते हुए, विश्वविद्यालय ने शेष वर्ष के लिए मंडेला को निष्कासित कर दिया और उन्हें एक अल्टीमेटम दिया

: यदि वह एसआरसी में सेवा करने के लिए सहमत हो गए तो वे स्कूल लौट सकते हैं।

जब मंडेला घर लौटे, तो रीजेंट गुस्से में थे, उन्होंने उन्हें असमान रूप से कहा कि उन्हें अपने फैसले को याद रखना होगा और गिरावट में स्कूल जाना होगा।



मंडेला के घर लौटने के कुछ हफ़्ते बाद, रीजेंट जोंगिन्ताबा ने घोषणा की कि उन्होंने अपने दत्तक पुत्र के लिए विवाह की व्यवस्था की थी।

 रीजेंट यह सुनिश्चित करना चाहता था कि मंडेला का जीवन ठीक से नियोजित था, और व्यवस्था उनके अधिकार में थी, क्योंकि आदिवासी रिवाज तय था।

खबर से हैरान, फंसे हुए और यह मानते हुए कि उनके पास इस हालिया आदेश का पालन करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था, मंडेला घर से भाग गया।

वह जोहान्सबर्ग में बस गए, जहां उन्होंने एक पत्राचार और क्लर्क के रूप में कई तरह के काम किए,

जबकि पत्राचार पाठ्यक्रमों के माध्यम से अपनी स्नातक की डिग्री पूरी की। फिर उन्होंने लॉ की पढ़ाई करने के लिए जोहान्सबर्ग के विटवाटरसैंड विश्वविद्यालय में दाखिला लिया।


 Anti apartheid  movement

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मंडेला जल्द ही रंगभेद विरोधी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हो गए,

1942 में अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस में शामिल हो गए। एएनसी के भीतर, युवा अफ्रीकियों के एक छोटे समूह ने खुद को अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस यूथ लीग कहा।

उनका लक्ष्य एएनसी को एक सामूहिक जमीनी स्तर पर आंदोलन में बदलना था,

जो लाखों ग्रामीण किसानों और कामकाजी लोगों की ताकत हासिल करता था, जिनके पास मौजूदा शासन में कोई आवाज नहीं थी।



विशेष रूप से, समूह का मानना था कि एएनसी विनम्र याचिका की पुरानी रणनीति अप्रभावी थी।

1949 में, एएनसी ने आधिकारिक तौर पर पूर्ण नागरिकता, भूमि के पुनर्वितरण, ट्रेड यूनियन अधिकारों और सभी बच्चों के लिए

मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा के नीतिगत लक्ष्यों के साथ यूथ लीग के बहिष्कार, हड़ताल, सविनय अवज्ञा और असहयोग के तरीकों को आधिकारिक तौर पर अपनाया।


20 वर्षों के लिए, मंडेला ने दक्षिण अफ्रीका सरकार और इसकी नस्लवादी नीतियों के खिलाफ 1952 के अवज्ञा अभियान

और 1955 की कांग्रेस की जनवादी नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण, अहिंसक कार्यों का निर्देशन किया।

उन्होंने ऑलिवर टैम्बो के साथ भागीदारी करते हुए, लॉ फर्म मंडेला और टैम्बो की स्थापना की,

 एक शानदार छात्र, जो फोर्ट फेयर में भाग लेने के दौरान मिले। कानूनी फर्म ने बिना लाइसेंस वाले अश्वेतों को मुफ्त और कम लागत वाली कानूनी सलाह दी।

1956 में, मंडेला और 150 अन्य को गिरफ्तार किया गया और उनकी राजनीतिक वकालत के लिए राजद्रोह का आरोप लगाया गया (वे अंततः बरी हो गए)।

इस बीच, ANC को अफ्रीकीवादियों द्वारा चुनौती दी जा रही थी, अश्वेत कार्यकर्ताओं की एक नई नस्ल जो यह मानती थी कि ANC की शांतिवादी पद्धति अप्रभावी थी।



अफ्रीकी लोगों ने जल्द ही पैन-अफ्रीकनिस्ट कांग्रेस का गठन किया,

जिसने एएनसी को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया; 1959 तक, इस आंदोलन ने अपने उग्रवादी समर्थन को खो दिया था।

Wife and children 


मंडेला की तीन बार शादी हुई थी और उनके छह बच्चे थे।

उन्होंने 1944 में अपनी पहली पत्नी एवलिन Ntoko मैसेज की शादी की।

 दम्पति थेम्बिकाइल (d। 1964), माकागाथो (d। 2005), मकाज़ीवे (d। 1948 नौ महीने की उम्र में) और माकी: दंपति के एक साथ चार बच्चे थे। 1957 में दोनों का तलाक हो गया।

1958 में, मंडेला ने विनी मैडीकिज़ेला का विवाह किया।

1996 में अलग होने से पहले, दंपति की दो बेटियां, एक साथ जेनानी (अर्जेंटीना के दक्षिण अफ्रीकी राजदूत) और जिंदज़िसवा (डेनमार्क में दक्षिण अफ्रीकी राजदूत) थीं।

दो साल बाद, 1998 में, मंडेला ने मोज़ाम्बिक के पहले शिक्षा मंत्री, ग्रेका मैशेल से शादी की, जिसके साथ वह 2013 में अपनी मृत्यु तक बने रहे।

Prison year

पूर्व में अहिंसक विरोध के लिए प्रतिबद्ध, मंडेला ने यह मानना शुरू कर दिया कि सशस्त्र संघर्ष परिवर्तन को प्राप्त करने का एकमात्र तरीका था।

1961 में, मंडेला ने उमाखांतो वी सिज़वे की सह-स्थापना की, जिसे एमके के रूप में भी जाना जाता है,

जो एएनसी का एक सशस्त्र अपराध था, जिसने तोड़फोड़ करने के लिए समर्पित और छापामार युद्ध की रणनीति का इस्तेमाल किया था।

1961 में, मंडेला ने तीन-दिवसीय राष्ट्रीय कर्मचारियों की हड़ताल  की।

उन्हें अगले वर्ष हड़ताल का नेतृत्व करने के लिए गिरफ्तार किया गया था और उन्हें पांच साल जेल की सजा सुनाई गई थी।

1963 में, मंडेला को फिर से परीक्षण के लिए लाया गया। इस बार, उन्हें और 10 अन्य एएनसी नेताओं को तोड़फोड़ सहित राजनीतिक अपराधों के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी




नवंबर 1962 से फरवरी 1990 तक मंडेला ने 27 साल जेल में बिताए।

 उन्हें 27 साल की जेल में 18 साल के लिए रॉबेन द्वीप पर रखा गया था। इस समय के दौरान, उन्होंने तपेदिक का

 अनुबंध किया और, एक काले राजनीतिक कैदी के रूप में, जेलकर्मियों से सबसे कम स्तर का उपचार प्राप्त किया।

हालांकि, जबकि अव्यवस्थित था, मंडेला यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन पत्राचार कार्यक्रम के माध्यम से बैचलर ऑफ लॉ की डिग्री हासिल करने में सक्षम थे।

दक्षिण अफ्रीकी खुफिया एजेंट गॉर्डन विंटर के 1981 के एक संस्मरण में मंडेला के भागने की व्यवस्था करने के लिए दक्षिण अफ्रीकी सरकार द्वारा एक साजिश का वर्णन किया गया था,

ताकि उसे हटाए जाने के दौरान गोली मार दी जा सके; ब्रिटिश खुफिया द्वारा साजिश को नाकाम कर दिया गया था।

मंडेला अश्वेत प्रतिरोध के ऐसे प्रबल प्रतीक बने रहे कि उनकी रिहाई के लिए एक समन्वित अंतर्राष्ट्रीय अभियान शुरू किया गया था,

और समर्थन के इस अंतरराष्ट्रीय आधार ने वैश्विक राजनीतिक समुदाय में मंडेला को शक्ति और सम्मान का उदाहरण दिया।

1982 में, मंडेला और अन्य एएनसी नेताओं को कथित रूप से उनके और दक्षिण अफ्रीकी सरकार के बीच संपर्क को सक्षम करने के लिए, पोल्समूर जेल ले जाया गया।

1985 में, राष्ट्रपति पी। डब्ल्यू। बोथा ने सशस्त्र संघर्ष के त्याग के बदले मंडेला की रिहाई की पेशकश की; कैदी ने फ्लैट की पेशकश को अस्वीकार कर दिया।

Noble peace prize


1993 में, मंडेला और राष्ट्रपति डी क्लार्क को संयुक्त रूप से दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद को खत्म करने के लिए उनके काम के लिए शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

मंडेला के जेल से छूटने के बाद, उन्होंने देश के पहले बहुराष्ट्रीय चुनावों के लिए राष्ट्रपति डी केर्लकर से बातचीत की।

व्हाइट साउथ अफ्रीकन सत्ता साझा करने के लिए तैयार थे, लेकिन कई काले दक्षिण अफ्रीकी सत्ता का पूर्ण हस्तांतरण चाहते थे।

वार्ता अक्सर तनावपूर्ण थी, और पूरे देश में एएनसी नेता क्रिस हानी की हत्या सहित हिंसक विस्फोट की खबरें जारी थीं।

प्रदर्शनों और सशस्त्र प्रतिरोध के बीच मंडेला को राजनीतिक दबाव का एक नाजुक संतुलन रखना पड़ा।

Presidency


मंडेला और राष्ट्रपति डी किलक के काम का कोई छोटा हिस्सा नहीं होने के कारण, काले और सफेद दक्षिण अफ्रीकी लोगों के बीच बातचीत हुई:

27 अप्रैल, 1994 को दक्षिण अफ्रीका ने अपना पहला लोकतांत्रिक चुनाव किया।

 मंडेला का उद्घाटन देश के पहले अश्वेत राष्ट्रपति के रूप में 10 मई, 1994 को 77 साल की उम्र में डे किलक के साथ उनके पहले डिप्टी के रूप में हुआ।

1994 से जून 1999 तक, राष्ट्रपति मंडेला ने अल्पसंख्यक शासन से संक्रमण और काले बहुमत वाले शासन को अलग करने के लिए काम किया।

उन्होंने गोरों और अश्वेतों के बीच सामंजस्य को बढ़ावा देने के लिए धुरी बिंदु के रूप में खेलों के लिए राष्ट्र के उत्साह का इस्तेमाल किया,

 काले दक्षिण अफ्रीकी लोगों को एक बार नफरत करने वाली राष्ट्रीय रग्बी टीम का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित किया।

1995 में, दक्षिण अफ्रीका रग्बी विश्व कप की मेजबानी करके विश्व मंच पर आया,

जिसने युवा गणराज्य को और अधिक पहचान और प्रतिष्ठा दिलाई। उस वर्ष मंडेला को ऑर्डर ऑफ मेरिट से भी सम्मानित किया गया था।


अपनी अध्यक्षता के दौरान मंडेला ने दक्षिण अफ्रीका की अर्थव्यवस्था को टूटने से बचाने के लिए भी काम किया।

अपने पुनर्निर्माण और विकास योजना के माध्यम से, दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने नौकरियों, आवास और बुनियादी स्वास्थ्य देखभाल के निर्माण के लिए वित्त पोषित किया।

1996 में, मंडेला ने बहुमत के आधार पर एक मजबूत केंद्रीय सरकार की स्थापना की,

और अल्पसंख्यकों के अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दोनों की गारंटी देते हुए, राष्ट्र के लिए एक नए संविधान की स्थापना की।

Movie and books

1994 में, मंडेला ने अपनी आत्मकथा, लॉन्ग वॉक टू फ़्रीडम प्रकाशित की, जिसमें से अधिकांश उन्होंने गुप्त रूप से जेल में रहते हुए लिखी थीं।

 किताब ने 2013 की फिल्म मंडेला: लॉन्ग वॉक टू फ्रीडम को प्रेरित किया।

उन्होंने अपने जीवन और संघर्षों पर कई किताबें भी प्रकाशित कीं, उनमें से नो ईज़ी वॉक टू फ्रीडम; नेल्सन मंडेला: द स्ट्रगल इज माय लाइफ; और नेल्सन मंडेला की पसंदीदा अफ्रीकी लोककथाएँ।
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Mandela day

1994 में, मंडेला ने अपनी आत्मकथा, लॉन्ग वॉक टू फ़्रीडम प्रकाशित की, जिसमें से अधिकांश उन्होंने गुप्त रूप से जेल में रहते हुए लिखी थीं। किताब ने 2013 की फिल्म मंडेला: लॉन्ग वॉक टू फ्रीडम को प्रेरित किया।


गुरुवार, 30 जनवरी 2020

बजट क्या है | इसके प्रकार | इसका  महत्त्व  और  प्रक्रिया
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Budget 

जब कभी हम “बजट” शब्‍द सुनते हैं तो हमें तुरन्‍त सरकार द्वारा प्रतिवर्ष पेश किए जाने वाले बजट की याद आती है|

 इस बजट के माध्यम से हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि सरकार ने अगले वित्‍त वर्ष के लिए किन चीजों पर कर (Tax) बढ़ाकर उनके मूल्‍य में वृद्धि कर दी है

और किन चीजों पर सब्सिडी (Subsidy) के माध्‍यम से अथवा किसी अन्‍य तरीके से मूल्‍य में कुछ कमी करते हुए आम लोगों को राहत दी है.

लेकिन क्या आपको पता है कि बजट का अर्थ क्या होता है और यह कितने तरह का होता है?

 इस लेख में हम बजट की परिभाषा और उसके वर्गीकरण का विवरण दे रहे हैं, जिससे बजट के संबंध में आपकी समझ और भी विकसित होगी|

बजट शब्द अंग्रेजी के शब्द "bowgette" से ली गई है जिसकी उत्पत्ति फ्रेंच शब्द “bougette” से हुई है| “bougette” शब्द भी “Bouge” से बना है जिसका अर्थ चमड़े का बैग होता है|

बजट क्‍या है?

सरकार की आय एवं व्यय का एक विवरण जिस प्रपत्र में एकत्रित किया जाता है, उसे बजट कहते है|

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बजट में  विगत वर्ष के आय और व्यय के अनुमानों का वार्षिक वित्तीय विवरण प्रस्तुत किया जाता है|

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में बजट निर्माण के विषय में बताया गया है |

लोकसभा में केंद्र सरकार के वित्तमंत्री के द्वारा बजट पेश किया जाता है, इस बजट को केंद्रीय बजट के नाम से जाना जाता है|

राज्य सरकार में बजट राज्य वित्त मंत्री के द्वारा पेश किया जाता है, यह केवल उसी राज्य के लिए निर्धारित किया जाता है ।

जो कि पूरी तरह से आर्थिक मामलों से जुड़ा होता है।

 साल भर कौन सी योजनाएं काम करेंगी किसके लिए कितना बजट है,

शिक्षा, कृषि, परिवहन, स्‍वास्‍थ्‍य, रक्षा और आम आदमी से जुड़े अन्‍य कई जरुरतों पर बजट पेश किया जाता है जिसके लिए एक राशि भी तय की जाती है।

 जिसके हिसाब से सरकार काम करती है और उसके बाद राज्‍य सरकारों की अपनी भी कुछ बजट योजनाएं होते है |


सरकार द्वारा हर साल बजट क्यों बनाया जाता है?  (What is the purpose of a budget)


सरकार हर साल बजट बनाकर दो काम करती है-

1. अगले वित्तवर्ष में देश के विभिन्‍न क्षेत्रों (जैसे- उद्योग, विनिर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन आदि) में किए जाने वाले विभिन्‍न प्रकार के विकास कार्यों में होने वाले खर्चों का अनुमान लगाती है।

2. अगले वित्तवर्ष के लिए अनुमानित खर्चों को पूरा करने के लिए धन (Funds) की व्‍यवस्‍था करने के लिए सम्‍यक उपाय

(जैसे- कुछ चीजों पर कुछ खास तरह के नए Tax लगाने या बढ़ाने अथवा किसी वस्तु या सेवा पर पहले से दी जा रही सब्सिडी (Subsidy) को कम या खत्‍म करना आदि) करती है।

यानी सरल शब्‍दों में कहें तो सरकार ये निश्चित करती है कि उसे अगले वर्ष देश के विकास से संबंधित किन चीजों पर प्राथमिकता के साथ खर्च करना है

और उन खर्चों के लिए धन की व्‍यवस्‍था कैसे करनी है।

आय (Income) व व्‍यय (Expenditure) के इसी ब्‍यौरे का नाम बजट (Budget) है और प्रत्‍येक बजट एक निश्चित अवधि के लिए बनाया जाता है।
source-jagaranjosh.com

बजट के प्रकार (Types Of Budget)

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भारत में बजट पांच प्रकार के प्रयोग किये जाते है –
आम बजट
निष्पादन बजट
जिरोबेस बजट
आउटकम बजट
जेंडर बजट


1) आम बजट 


वर्तमान समय के “आम बजट” का प्रारंभिक स्वरूप “पारम्परिक बजट (Traditional Budget) कहलाता है|

आम बजट का मुख्य उद्देश्य “विधयिका” और “कार्यपालिका” पर वित्तीय नियंत्रण स्थापित करना है|

इस बजट में सरकार की आय और व्यय का लेखा-जोखा होता है|

 इस बजट में सरकार अगले वित्त वर्ष में किस क्षेत्र में कितना धन खर्च करेगी,

उसका उल्लेख तो करती है लेकिन इस खर्च से क्या-क्या परिणाम होंगे उनका ब्यौरा नहीं दिया जाता है|
अतः इस प्रकार के बजट का उद्देश्य सरकारी खर्चों पर नियंत्रण करना तथा विकास कार्यों को लागू करना था न कि तीव्र गति से विकास करना था|

 अतः पारम्परिक बजट की अवधारणा स्वतंत्र भारत की समस्याओं को सुलझाने तथा विकास के लक्ष्य को प्राप्त करने में असफल रही|

परिणामस्वरूप भारत में “निष्पादन बजट (Performance Budget)” की आवश्यकता और महत्व को स्वीकार किया गया और इसे पारम्परिक बजट के “पूरक” के रूप में पेश किया जाता है| 

2 ) निष्पादन बजट


बजट का वह स्वरूप जिसका निर्माण परिणामों को ध्यान में रखकर किया जाता है, वह निष्पादन बजट कहा जाता है।

निष्पादन बजट (Performance Budget) में सरकार उपलब्धियों पर ध्यान रखते हुए प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं उनपर खर्च किए जाने वाले सभी मदों का मूल्यांकन आदि किया जाता है।

इसे उपलब्धि बजट भी कहा जाता है। निष्पादन बजट का सर्वप्रथम प्रयोग अमेरिका में किया गया।

भारतीय संसद में पहली बार 25 अगस्त, 2005 को निष्पादन बजट तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम द्वारा प्रस्तुत किया गया।


3) जिरोबेस बजट (Zero Base Budget)


आय कम होने और व्यय अधिक होने की परिस्थति में इस बजट को जारी किया जाता है,

 जिससे व्ययों पर कटौती करके घाटों पर अंकुश लगाया जा सके|

4) आउटकम बजट


आउटकम बजट एक नए प्रकार का बजट है। इसके अन्तर्गत साधनों के साथ-साथ उन लक्ष्यों को भी निर्धारित कर दिया जाता है,

 जिन्हें प्राप्त करना आवश्यक माना जाता है। इस बजट के अन्तर्गत एक वित्त वर्ष के लिए किसी मंत्रालय अथवा विभाग को
आबंटित किए गए बजट में मूल्यांकन किए जा सकने वाले भौतिक लक्ष्यों का निर्धारण इस उद्देश्य से किया जाता है,

जिससे बजट के क्रियान्वयन को परखा जा सके।

आउटकम बजट सामान्य बजट की तुलना में एक जटिल प्रक्रिया है,

जिसमें वित्तीय प्रावधानों को परिणामों के सन्दर्भ में देखा जाना होता है। भारत में इसकी शुरुआत पी. चिदम्बरम ने वर्ष 2005 में की थी


जेंडर बजट (Gender Budget)


भारत सरकार द्वारा निर्मित ऐसा बजट जो कार्यों और योजनाओं का आवंटन लिंग के आधार पर करता है

 इस बजट के द्वारा महिला अधिकारिता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया गया है |


भारतीय बजट के प्रमुख दस्तावेज़ (Major Documents of Indian Budget)

भारतीय बजट के प्रमुख दस्तावेज़ इस प्रकार है |
  1. वित्तमंत्री का भाषण
  2. वार्षिक वित्तीय कथन
  3. बजट का सार
  4. वित्त विधेयक
  5. बजट प्राप्तियाँ
  6. बजट व्यय
  7. अनुदान की माँग

बजट का महत्व और प्रक्रिया(Importance And Process Of  Budget)

बजट द्वारा सरकार के सभी कार्य निर्धारित किये जाते है|

सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं के लिए धन की व्यवस्था बजट के माध्यम से ही किया जाता है |

 सरकार बिना बजट के एक रूपये का व्यय नहीं कर सकती है |
बजट में प्रत्येक वर्ष नयी योजनाओं की घोषणा होती है और टैक्स में संसोधन किया जाता है,

जिसका सीधा प्रभाव जनता पर पड़ता है, बजट में किये गए सभी प्रावधान तब तक लागू नहीं किये जा सकते है,

जबतक संसद के द्वारा पास नहीं किया जाता है |
बजट को वित्त विधेयक द्वारा पेश किया जाता है| वित्त विधेयक केवल लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है|

 बजट लोकसभा में पास होने के बाद राज्य सभा के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाता है,

यदि राज्य सभा  इस पर 14 दिन के अंदर स्वीकृति प्रदान नहीं करती है, तो बजट को पास मान लिया जाता है,

और वित्तीय वर्ष की पहली तिथि को बजट में किये गए प्रावधान पूरे देश में लागू कर दिया जाता है |
राज्य सरकार द्वारा निर्मित बजट केवल राज्य की सीमाओं तक के लिए मान्य रहता है |

बजट में यदि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बजट में विरोधाभास होता है, तो केंद्र सरकार के बजट को मान्यता प्रदान की जाती है |

निष्कर्ष 

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बुधवार, 29 जनवरी 2020


जानिये coronavirus ke बारे में, जो china के बाद india भी आ सकता है |Wuhanvirus |symptoms |cure
Coronavirus


 बिहार के छपरा की एक लड़की चीन से होकर लौटी उसमें  जुकाम के कुछ लक्षण दिखाई दिए. और उसे फौरन पटना स्थित पटना मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. जयपुर के एक लड़के के साथ भी ऐसा ही हुआ.

ऐसे केश को लगातार निगरानी में रखा जा रहा है. और इनकी ब्लड सैंपल पुणे  स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी भेजे गये है.

 इतनी सावधानी का  वजह है पिछले 2 महीने से खबरों में बना चीन का  कोरोना वायरस. जो अब चीन का न  होकर पूरे दुनिया का हो चुका है.

 दोस्तों इस ब्लॉक में  मेरा मकसद है आपके दिमाग में कोरोना वायरस का ठीक-ठाक तस्वीर प्रस्तुत करना.

 वुहान वायरस

 * चीन के वुहान शहर से निकलने के कारण इसे वुहान वायरस भी कहा जा रहा है. 

* लेकिन साइंस के सर्कल में इसकी पहचान 2019 एन काफ से है 

2019 एन कार्फ़ का फुल फार्म - 

2019 नोबेल कोरोना वाइरस 
* इसे समझने के लिए हमें सबसे पहले 2019 नोबेल कोरोना वायरस को तोड़कर समझना होगा.

 वायरस- 

* हमारे आस पास बहुत से कीटाणु टहल रहे हैं. और इनमें से सबसे खुराफाती कीटाणु है वायरस.

* हमारा शरीर बहुत सारी कोशिकाओं से मिलकर बना है. यह सिर्फ अपना खाना खुद बनाते हैं.

* वायरस अपना खाना खुद नहीं बनाते उन्हें जैसे ही किसी सेल का चूल्हा जलता दिखता है वह अटैक कर देते हैं.

* अटैक करने के बाद वायरस सेल से एनर्जी खींचते हैं. और यह अपने जैसे दूसरे वायरस बनाने लगते हैं.

* और इस तरह फैलने लगते हैं. इनके फैलने का रफ्तार बहुत तेज होती है इतनी तेज कि अपने आप में एक पैमाना है.

* अगर कोई चीज तेजी से फैलती है तो हम कहते हैं कि वायरल हो गई यह उसी वायरस से आया है

 कोरोना वायरस

Coronavirus

* कोरोना वायरस कोई एक वायरस का नाम नहीं है. यह वायरस के ग्रुप का नाम है. 

* और इस ग्रुप की खासियत यह है कि इसके वायरस की बनावट अलग है. ताज जैसी बनावट 

*  करोना अंग्रेजी के क्राउन से आया है क्राउन मतलब ताज होता है. 

* इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से देखने पर यह कोरोनावायरस रेसेनुमा आकृतियों से घिरे दिखते हैं. जैसे किसी ने ताज पहना हो.

* इसलिए वायरस के इस फैमिली का नाम पडा  कोरोना वायरस

" सूरत से प्लाज्मा निकलने के कारण सूर्य के बाहरी इलाके को भी कोरोना कहते हैं"

* कोरोना वायरस बहुत बड़ी फैमिली है इसकी ज्यादा केश जानवरों में ही देखे गए हैं. जैसे कि बिल्ली, चमगादड़, ऊंट

* इंसानों तक कोरोनावायरस की बहुत कम पहुंच है ज्यादातर केस में इंसानों तक पहुंचते भी हैं तो थोड़ा जुकाम देकर निकल जाते हैं. 

 "अब तक इंसानों तक 7 कोरोनावायरस पहुंच पाए हैं. आज मुख्य 2 कोरोना वायरस का ही बात करेंगे. "
1) सार्स            ( 2) मर्स 


2019 एन काफ क्या है? 


*   यही वो वायरस है जो हड़कंप मचा रहा है.

* इसका पहला केस दिसंबर 2019 में सामने आया था इसलिए इसकी पहचान के लिए शुरू में 2019 जोड़ा गया है

* 2019 एन काफ कोरोना वायरस फैमिली का सबसे नया सदस्य है इसलिए इसके साथ नावेल सब जोड़ा गया है.

लक्षण 

* यह वायरस सांस नली से होकर अंदर जाते हैं. जिसके कारण सांस नली बहुत तकलीफ में होती है. 

* शरीर के अंदर लड़ी जाने वाली इन लड़ाई को ही हम लक्षण की तरह देखते हैं. 

* इसके लक्षण किसी आम जुकाम के वायरस जैसे ही हैं

* जुकाम वायरस के घुसने के कारण ही  होता है

* ज्यादा तर वाइरस जुकाम देकर निकल जाते हैं हमारा शरीर उन्हें निकाल फेकता है. 

* लेकिन कुछ वायरस गर्म खोपडी के होते हैं उन्हीं में सार्स और मर्स भी आते है. और अब 2019 एन कार्फ़ भी. 

 कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण

Coronavirus

* शुरुआती लक्षण किसी आम वायरस की जैसी ही है. जैसे बुखार  सूखी खांसी,  मांसपेशियों में दर्द,  सांस लेने में तकलीफ इत्यादि

* जैसे-जैसे यह वायरस अंदर फैलती हैं शरीर को न्यूमोनिया जकड़ लेती है


 न्यूमोनिया क्या है? 


* निमोनिया मतलब हमारी  दोनों फेफड़ों तक इनफेक्शंन पहुंच जाता है. इस केस को फेफड़े के एक्स-रे से पहचाना जाता है. 

* अब तक कोरोना वायरस से ग्रसित जिन 41 मरीजों की स्टडी  की गई है उन सभी को न्यूमोनिया थी. 

 नया कोरोना वायरस कहां से आया? 


* कोरोना वायरस जानवरों के बीच रहने के लिए जाने जाते हैं

* बहुत चांस है कि यह जानवरों से ही इंसानों तक आए हैं. इस वाइरस के शुरुआती शिकार वही लोग थे जो वूहान के सीफूड और एनिमल मार्केट होकर आए थे. 

* इसलिए शुरुआत में ऐसा समझा गया कि कोरोनावायरस यहीं से आया है

* इससे पहले कि दो कोरोनावायरस सार्स और मर्स  चमगादड़ से निकलते थे. 

* इसलिए चमगादड़ को भी इस कोरोना वायरस का सोर्स कहा गया. 

* लेकिन बाद में रिसरचस  ने  2019 एन कार्फ़  के जेनेटिक सीक्वेंस की पढ़ाई की, 

* और इसकी तुलना जानवरों में पाई जाने वाली 200 से ज्यादा कोरोना  वायरसों के जेनेटिक्स सीक्वेंस से की गई. 

* और इस स्टडी के नतीजे जनरल ऑफ वायरोलॉजी में छापे गए

* इस स्टडी से यह पता चलता है कि 2019 एन कार्फ़  सांपों से  निकला है. हालांकि कुछ एक्सपोर्ट्स ने इस स्टडी पर भी सवाल उठाए हैं

* पहले ऐसा समझा जाता था कि यह वायरस सिर्फ जानवरों से ही इंसानों तक पहुंच रहे हैं. 

* बाद में इसके इंसान से इंसान तक फैलने के किस भी सामने आए. 


सार्स और मर्स क्या है? 
 

*  सार्स  का पहला केस 2002 में सामने आया था. चीन के ग्वांगडोंन प्रोविन्स से 8000 से ज्यादा लोगों में फैला. इसमें से  750 से अधिक लोगों की जान गई. 

* ऐसा बोला जाता है कि चमगादड़ से बिल्ली तक पहुंचा फिर वहां से इंसानों में

* मर्स  का पहला केस 2012 में सामने आया सऊदी अरब में 2000 से अधिक लोगों में फैली और 667 लोगों की जान गई

* स्टडी करने का पता लगाया गया कि यह वायरस भी चमगादड़ से फैल रहा था

 वायरस से कैसे बचें? 

* बैक्टीरिया को मारने के लिए एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल होता है और वायरस को मारने के लिए एंटीवायरल का

* अब तक हम 2019 एन कार्फ़  को मानने वाला एंटीवायरल नहीं बना पाए हैं इसलिए इससे बचने का इकलौता तरीका है कि से दूर रहें

WHO के गाइड LIलाइन 

* साबुन और पानी से हाथ धोते रहें. 

* खासकते  और छींकते वक्त अपना मुंह और नाक ढक कर रखें. 

* जुकाम जैसे लक्षण दिखते व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें

* अपने पास लक्षण पाए जाने पर चेकअप करवाएं. 

* मांस और अंडे को खूब पका कर खाएं

Source - the lalantop 


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मंगलवार, 28 जनवरी 2020


Love Aaj kal 2 cast list |release date|movie trailer |review




लव आज कल इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित और कार्तिक आर्यन और सारा अली खान द्वारा अभिनीत 2020 भारतीय हिंदी-रोमांटिक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है।

  प्रधान फोटोग्राफी मार्च 2019 की पहली छमाही में शुरू हुई और जुलाई 2019 में समाप्त हुई।

 यह वेलेंटाइन डे पर 14 फरवरी 2020 को भारत में सिनेमा रिलीज के लिए निर्धारित है।


Trailer



Source - Jio studio  M DDOCK

Love Aaj kal 2 : kartik Aaryan to romance two more actresses along with sara Ali khan


फिल्म निर्माता इम्तियाज अली के फ़िल्म, love Aaj kal 2 में  बॉलीवुड के दिल की धड़कन कार्तिक आर्यन और बेहद खूबसूरत सारा अली खान ने भूमिका निभाई है,

जहां फैंस दोनों एक्टर्स के बीच सिजलिंग केमिस्ट्री देखने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं,

वहीं कहा जा रहा है कि एक्टर फिल्म में दो और एक्ट्रेस के साथ रोमांस करते नजर आएंगे।

 खबरों के अनुसार, जबकि सारा कार्तिक आर्यन के साथ फिल्म में मुख्य महिला भूमिका निभा रही हैं


, फिल्म में दो और अभिनेत्रियां होंगी।  अभिनेता को कथित तौर पर अन्य दो अभिनेत्रियों के साथ साइन स्क्रीन समय साझा करते हुए देखा जाएगा।

हालांकि, निर्माताओं को बाकी दो अभिनेत्रियों के नाम का खुलासा करना बाकी है।

सैफ अली खान की भूमिका 


 रिपोर्ट्स यह भी है कि सैफ अली खान फिल्म में कार्तिक के पिता के किरदार में नजर आएंगे।
  फिल्म के सेट से तस्वीर और वीडियो ने प्रशंसकों के बीच प्रत्याशा के स्तर को पहले ही बढ़ा दिया है।


निर्देशक - इम्तियाज अली द्वारा निर्मित
दिनेश विजान
इम्तियाज अली
द्वारा लिखित
इम्तियाज अली

अभिनीत- कार्तिक आर्यन
सारा अली खान
संगीत दिया है

गीत:-प्रीतम

स्कोर:- ईशान छाबड़ा
छायांकन
अमित रॉय
द्वारा संपादित
आरती बजाज

उत्पादन- कंपनी
मैडॉक फिल्म्स
विंडो सीट फिल्म्स
रिलायंस एंटरटेनमेंट
Jio Studios
द्वारा वितरित
पेन इंडिया लिमिटेड

रिलीज़ की तारीख- 14 फरवरी 2020

देश- भारत

भाषा: हिन्दी


आगामी रोमांटिक ड्रामा का आधिकारिक ट्रेलर शुक्रवार को जारी किया गया, से दर्शकों से मिश्रित प्रतिक्रिया मिली।

  कई लोग निराश थे जबकि कुछ ने इसे एक अच्छा ट्रेलर कहा और कहा कि कार्तिक आर्यन और सारा अली खान को एक साथ देखने के लिए उत्साहित हैं।

निर्देशक इम्तियाज अली ने संकेत दिया कि संभावना है कि लव आज कल के सीक्वल उनके रास्ते में आ सकते हैं।

 लव आज कल के ट्रेलर की रिलीज के बाद, इम्तियाज ने साझा किया है कि उसकी योजना एक पूर्ण मताधिकार में बदलने की है।


दो प्रेमियों की कहानी 


 कार्तिक आर्यन और सारा अली खान अभिनीत फिल्म, इम्तियाज की 2009 की फिल्म है, जिसमें सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण हैं।

नई फिल्म अलग-अलग समय अवधि में स्थापित दो प्रेम कहानियों की भी पड़ताल करती है।

अनुवर्ती, जिसमें रणदीप हुड्डा और डेब्यूटेंट अरुशी शर्मा भी हैं, को 1990 और 2020 में स्थापित किया गया है।

मुझे लगता है कि यह फ्रेंचाइज करने योग्य विचार है।  मैंने एक ही शीर्षक के साथ दो फिल्में बनाई हैं क्योंकि दस साल के बाद, 

जिस आधार पर मैंने पहले की फिल्म बनाई थी, वह बदल गई है।  मुझे नए तरीके से कहने का अवसर मिल रहा है, 

”इम्तियाज ने फिल्म के ट्रेलर लॉन्च में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा।

 "अगर हमें लगता है कि हम भविष्य में कुछ वर्षों के बाद इसे आगे ले जा सकते हैं,

 अगर रिश्ते की प्रक्रिया (विकसित हुई है) और अगर कोई नई कहानी बताने के लिए कुछ नया है, 

तो हम इसे कहने की कोशिश करेंगे,"  इम्तियाज ने जोड़ा

इम्तियाज, जो जब वी मेट, रॉकस्टार और तमाशा जैसे समीक्षकों द्वारा प्रशंसित नाटक बनाने के लिए जाने जाते हैं, 

का मानना ​​है कि हाल के वर्षों में प्यार की परिभाषा बहुत बदल गई है।

 “अब जो रिश्ता होता है, वह उससे अलग होता है जो पहले हुआ करता था।तो लव आज कल आता है।  

चीजें तेजी से आगे बढ़ रही हैं।  लेकिन एक लड़का और लड़की एक साथ आने का कारण बदल नहीं गया, ”उन्होंने कहा।

 उस अच्छी कहानी के बारे में बात करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, 

इम्तियाज ने कहा, “मैं एक ऐसी जगह से आता हूं जहां मेरे स्वाद आम हैं।  

जिसे आप वाणिज्यिक कहते हैं, मुझे उसके प्रति काम नहीं करना है, यह मेरे भीतर है।  मैं यहां एक अच्छी कहानी बताने के लिए हूं।

 निष्कर्ष 


लव आज कल 2 मूवी 14 फरवरी को रिलीज़ हो रही है, जिसे आप लीगल तरीके से सिनेमा हाल तथा घर पर ही ऑनलाइन netflix पर देख सकते है.