मंगलवार, 7 जुलाई 2020

Election commission of india | Article 324 - 329



तो चलिए आज जानेंगे इलेक्शन कमिशन के बारे में इलेक्शन कमिशन की कंपोजिशन एंड फंक्शन के बारे में जानने से पहले चलिए कुछ फैक्ट्स एंड फिगर्स के बारे में जान लेते हैं

हमारा भारत देश 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ

इंडिया में पहला जनरल इलेक्शन 1951 से 1952 के बीच कंडक्ट कराया गया था

जिसमें 17.3 करोड़ रजिस्टर्ड वोटर्स थे

इंडिया के पहले चीफ इलेक्शन कमिश्नर सुकुमार सेन थे

1982 के आसपास ही इंडिया में पहली बार ईवीएम यूज़ की गई थी

1998 तक हम  बैलट पेपर के थ्रू वोट कास्ट करते थे

2004 से वोटिंग के लिए सिर्फ ईवीएम मशीन यूज़ की जाती है

हमारे करंट चीफ इलेक्शन कमिश्नर है सुनील अरोड़ा


 क्या आपको पता है 17th  जनरल इलेक्शन में दुनिया के सबसे ज्यादा रजिस्टर वोटर थे 900000000 रजिस्टर वोटर
 अब आप सोच रहे होंगे कि मैं बार-बार जनरल इलेक्शन का नाम क्यों ले रही हूं
  •  इंडिया में चार प्रकार के इलेक्शन होते हैं

1. लोक सभा इलेक्शन या जनरल इलेक्शन
2. राज्य सभा इलेक्शन
3. स्टेट असेंबली इलेक्शन
4. पंचायत और म्युनिसिपालिटी इलेक्शन


 चलिए आगे बढ़ते हैं अच्छा आपको यह तो पता ही होगा कि हमारे 
गवर्नमेंट के तीन और organs  होते हैं

1. लेजिसलेटिव
2. एग्जीक्यूटिव
3. ज्यूडिशरी

अब चुके हमारे कंट्री में फेडरल सिस्टम फॉलो होता है

फेडरल सिस्टम मींस जो भी पावर है  उसे इक्वली सेंटर और स्टेज के बीच बांटा जाता है

इसलिए व्यवस्थापिका को भी दो पार्ट में डिवाइड किया गया है सेंट्रल और स्टेट

स्टेट में होता है स्टेट लेजिसलेच्योर जिसे विधानसभा भी बोला जाता है

वही सेंटर में होता है पार्लियामेंट

पार्लियामेंट दो हाउसेस से मिलकर बनता है लोकसभा और राज्यसभा

राज्यसभा में मैक्सिमम ढाई सौ मेंबर्स हो सकते हैं और इसी करंट ऑक्युपेंसी है 245 सीट की

इसका सीट एलोकेशन भी देख लेते हैं

233 मेंबर्स स्टेट असेंबली से आते हैं

वहीं 12 मेंबर्स डायरेक्टरी प्रेसिडेंट नॉमिनेट करते हैं

अब लोकसभा को देखते हैं इसकी मैक्सिमम ऑक्युपेंसी 552 मेंबर की है

और इसकी करंट ऑक्युपेंसी 545 मेंबर के हैं

इसमें 530 मेंबर्स स्टेट से आते हैं 20 यूनियन टेरिटरीज जाते हैं वही दो एंग्लो इंडियन प्रेसिडेंट अप्वॉइंट करते हैं

लोकसभा में जिसके पास 50% से ज्यादा शीर्ष आती हैं वही गवर्नमेंट फार्मूलेट करता है


 तो चलिए अब इलेक्शन कमीशन के कंपोजीशन के बारे में जान लेते हैं
हमारे कॉन्स्टिट्यूशन के पार्ट 15 के आर्टिकल 324 से 329 के बीच में इलेक्शन कवर किया गया है

आर्टिकल 324 यह कहता है कि हमारे कंट्री में एक इंडिपेंडेंट इलेक्शन कमिशन होगा जो फ्री एंड फेयर इलेक्शन कंडक्ट करवा सकें

आर्टिकल 324 ये भी कहता है कि पार्लियामेंट,  स्टेट असेंबली, प्रेसिडेंट,  वाइस प्रेसिडेंट इन चारों का इलेक्शन इलेक्शन कमिशन ही कंडक्ट करवाएगा

पंचायत और म्युनिसिपालिटीज का इलेक्शन स्टेट इलेक्शन कमिशन कंडक्ट कराता है

याद रखिए स्टेट इलेक्शन कमिशन और इलेक्शन कमिशन 2 डिफरेंट और इंडिपेंडेंट अथॉरिटी से

 
 हमारा इलेक्शन कमीशन एक चीफ इलेक्शन कमिश्नर और दो अन्य इलेक्शन कमिश्नर से मिलकर बना है

चीफ इलेक्शन कमिश्नर और दो इलेक्शन कमिश्नर इन तीनों को प्रेसिडेंट appoint  करते हैं

इन तीनों के पावर इक्वल होते हैं

अगर कोई डिस्प्यूट होता है तो वोटिंग के थ्रू मेजॉरिटी से सॉल्व कर लिया जाता है

और इन तीनों की सैलरी इक्वल होता है और सिमिलर होता है सुप्रीम कोर्ट के जज से

इनका टर्म्स ऑफ़ ऑफिस होता है 6 ईयर या फिर 65 ईयर of age which ever is earlier

1950 से 1989 तक हमारा इलेक्शन कमिशन एक सिंगर मेंबर बॉडी था

 अब चलते हैं आर्टिकल 326 पर जो हमें right to vote प्रदान करता है

1988 तक आर्टिकल 326 कहता था कि वोटिंग का मैक्सिमम एज 21 ईयर होगा

लेकिन 1988 में 61st amendment act के थ्रू मिनिमम वोटिंग एज 21 ईयर्स कम करके 18 ईयर कर दिया गया

हम यह रिड्यूस की थी तो वोटर्स बढ़ गए थे और उनके साथ साथ काम भी

इसलिए 1989 में सिंगल मेंबर बॉडी बन गया मल्टी मेंबर बॉडी

लेकिन 1990 को इस पोजीशन को फिर से रिवर्स कर दिया गया और इसे बना दिया गया सिंगर नंबर बॉडी

पर 1993 को इस पोजीशन को फिर से रिवर्स किया गया

और 1993 से आज तक हमारा इलेक्शन कमिशन मल्टी मेंबर बॉडी है

 कुछ और ऑफिसर का नाम जान लेते हैं

District  में जो भी इलेक्शन होता है उन इलेक्शन को सुपरवाइज करने के लिए रिस्पांसिबल होते हैं district इलेक्शन ऑफीसर

स्टेट या यूनियन टेरिटरी में जो भी इलेक्शन होते हैं उसे सुपरवाइज करने के लिए रिस्पांसिबल होते हैं चीफ इलेक्शन ऑफिसर

पार्लियामेंट में जो भी इलेक्शन होते हैं उसको सुपरवाइज करने के लिए रिस्पांसिबल होते हैं रिटर्निंग ऑफिसर

 दोस्तों उम्मीद करती हूं कि आपको मेरे इस ब्लॉग से कुछ नया सीखने को मिला होगा यदि हां तो प्लीज  शेयर करना न भूले |

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