बुधवार, 29 जनवरी 2020

जानिये coronavirus ke बारे में, जो china के बाद india भी आ सकता है |Wuhanvirus |symptoms |cure


जानिये coronavirus ke बारे में, जो china के बाद india भी आ सकता है |Wuhanvirus |symptoms |cure
Coronavirus


 बिहार के छपरा की एक लड़की चीन से होकर लौटी उसमें  जुकाम के कुछ लक्षण दिखाई दिए. और उसे फौरन पटना स्थित पटना मेडिकल कॉलेज ले जाया गया. जयपुर के एक लड़के के साथ भी ऐसा ही हुआ.

ऐसे केश को लगातार निगरानी में रखा जा रहा है. और इनकी ब्लड सैंपल पुणे  स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायरोलॉजी भेजे गये है.

 इतनी सावधानी का  वजह है पिछले 2 महीने से खबरों में बना चीन का  कोरोना वायरस. जो अब चीन का न  होकर पूरे दुनिया का हो चुका है.

 दोस्तों इस ब्लॉक में  मेरा मकसद है आपके दिमाग में कोरोना वायरस का ठीक-ठाक तस्वीर प्रस्तुत करना.

 वुहान वायरस

 * चीन के वुहान शहर से निकलने के कारण इसे वुहान वायरस भी कहा जा रहा है. 

* लेकिन साइंस के सर्कल में इसकी पहचान 2019 एन काफ से है 

2019 एन कार्फ़ का फुल फार्म - 

2019 नोबेल कोरोना वाइरस 
* इसे समझने के लिए हमें सबसे पहले 2019 नोबेल कोरोना वायरस को तोड़कर समझना होगा.

 वायरस- 

* हमारे आस पास बहुत से कीटाणु टहल रहे हैं. और इनमें से सबसे खुराफाती कीटाणु है वायरस.

* हमारा शरीर बहुत सारी कोशिकाओं से मिलकर बना है. यह सिर्फ अपना खाना खुद बनाते हैं.

* वायरस अपना खाना खुद नहीं बनाते उन्हें जैसे ही किसी सेल का चूल्हा जलता दिखता है वह अटैक कर देते हैं.

* अटैक करने के बाद वायरस सेल से एनर्जी खींचते हैं. और यह अपने जैसे दूसरे वायरस बनाने लगते हैं.

* और इस तरह फैलने लगते हैं. इनके फैलने का रफ्तार बहुत तेज होती है इतनी तेज कि अपने आप में एक पैमाना है.

* अगर कोई चीज तेजी से फैलती है तो हम कहते हैं कि वायरल हो गई यह उसी वायरस से आया है

 कोरोना वायरस

Coronavirus

* कोरोना वायरस कोई एक वायरस का नाम नहीं है. यह वायरस के ग्रुप का नाम है. 

* और इस ग्रुप की खासियत यह है कि इसके वायरस की बनावट अलग है. ताज जैसी बनावट 

*  करोना अंग्रेजी के क्राउन से आया है क्राउन मतलब ताज होता है. 

* इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से देखने पर यह कोरोनावायरस रेसेनुमा आकृतियों से घिरे दिखते हैं. जैसे किसी ने ताज पहना हो.

* इसलिए वायरस के इस फैमिली का नाम पडा  कोरोना वायरस

" सूरत से प्लाज्मा निकलने के कारण सूर्य के बाहरी इलाके को भी कोरोना कहते हैं"

* कोरोना वायरस बहुत बड़ी फैमिली है इसकी ज्यादा केश जानवरों में ही देखे गए हैं. जैसे कि बिल्ली, चमगादड़, ऊंट

* इंसानों तक कोरोनावायरस की बहुत कम पहुंच है ज्यादातर केस में इंसानों तक पहुंचते भी हैं तो थोड़ा जुकाम देकर निकल जाते हैं. 

 "अब तक इंसानों तक 7 कोरोनावायरस पहुंच पाए हैं. आज मुख्य 2 कोरोना वायरस का ही बात करेंगे. "
1) सार्स            ( 2) मर्स 


2019 एन काफ क्या है? 


*   यही वो वायरस है जो हड़कंप मचा रहा है.

* इसका पहला केस दिसंबर 2019 में सामने आया था इसलिए इसकी पहचान के लिए शुरू में 2019 जोड़ा गया है

* 2019 एन काफ कोरोना वायरस फैमिली का सबसे नया सदस्य है इसलिए इसके साथ नावेल सब जोड़ा गया है.

लक्षण 

* यह वायरस सांस नली से होकर अंदर जाते हैं. जिसके कारण सांस नली बहुत तकलीफ में होती है. 

* शरीर के अंदर लड़ी जाने वाली इन लड़ाई को ही हम लक्षण की तरह देखते हैं. 

* इसके लक्षण किसी आम जुकाम के वायरस जैसे ही हैं

* जुकाम वायरस के घुसने के कारण ही  होता है

* ज्यादा तर वाइरस जुकाम देकर निकल जाते हैं हमारा शरीर उन्हें निकाल फेकता है. 

* लेकिन कुछ वायरस गर्म खोपडी के होते हैं उन्हीं में सार्स और मर्स भी आते है. और अब 2019 एन कार्फ़ भी. 

 कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण

Coronavirus

* शुरुआती लक्षण किसी आम वायरस की जैसी ही है. जैसे बुखार  सूखी खांसी,  मांसपेशियों में दर्द,  सांस लेने में तकलीफ इत्यादि

* जैसे-जैसे यह वायरस अंदर फैलती हैं शरीर को न्यूमोनिया जकड़ लेती है


 न्यूमोनिया क्या है? 


* निमोनिया मतलब हमारी  दोनों फेफड़ों तक इनफेक्शंन पहुंच जाता है. इस केस को फेफड़े के एक्स-रे से पहचाना जाता है. 

* अब तक कोरोना वायरस से ग्रसित जिन 41 मरीजों की स्टडी  की गई है उन सभी को न्यूमोनिया थी. 

 नया कोरोना वायरस कहां से आया? 


* कोरोना वायरस जानवरों के बीच रहने के लिए जाने जाते हैं

* बहुत चांस है कि यह जानवरों से ही इंसानों तक आए हैं. इस वाइरस के शुरुआती शिकार वही लोग थे जो वूहान के सीफूड और एनिमल मार्केट होकर आए थे. 

* इसलिए शुरुआत में ऐसा समझा गया कि कोरोनावायरस यहीं से आया है

* इससे पहले कि दो कोरोनावायरस सार्स और मर्स  चमगादड़ से निकलते थे. 

* इसलिए चमगादड़ को भी इस कोरोना वायरस का सोर्स कहा गया. 

* लेकिन बाद में रिसरचस  ने  2019 एन कार्फ़  के जेनेटिक सीक्वेंस की पढ़ाई की, 

* और इसकी तुलना जानवरों में पाई जाने वाली 200 से ज्यादा कोरोना  वायरसों के जेनेटिक्स सीक्वेंस से की गई. 

* और इस स्टडी के नतीजे जनरल ऑफ वायरोलॉजी में छापे गए

* इस स्टडी से यह पता चलता है कि 2019 एन कार्फ़  सांपों से  निकला है. हालांकि कुछ एक्सपोर्ट्स ने इस स्टडी पर भी सवाल उठाए हैं

* पहले ऐसा समझा जाता था कि यह वायरस सिर्फ जानवरों से ही इंसानों तक पहुंच रहे हैं. 

* बाद में इसके इंसान से इंसान तक फैलने के किस भी सामने आए. 


सार्स और मर्स क्या है? 
 

*  सार्स  का पहला केस 2002 में सामने आया था. चीन के ग्वांगडोंन प्रोविन्स से 8000 से ज्यादा लोगों में फैला. इसमें से  750 से अधिक लोगों की जान गई. 

* ऐसा बोला जाता है कि चमगादड़ से बिल्ली तक पहुंचा फिर वहां से इंसानों में

* मर्स  का पहला केस 2012 में सामने आया सऊदी अरब में 2000 से अधिक लोगों में फैली और 667 लोगों की जान गई

* स्टडी करने का पता लगाया गया कि यह वायरस भी चमगादड़ से फैल रहा था

 वायरस से कैसे बचें? 

* बैक्टीरिया को मारने के लिए एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल होता है और वायरस को मारने के लिए एंटीवायरल का

* अब तक हम 2019 एन कार्फ़  को मानने वाला एंटीवायरल नहीं बना पाए हैं इसलिए इससे बचने का इकलौता तरीका है कि से दूर रहें

WHO के गाइड LIलाइन 

* साबुन और पानी से हाथ धोते रहें. 

* खासकते  और छींकते वक्त अपना मुंह और नाक ढक कर रखें. 

* जुकाम जैसे लक्षण दिखते व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें

* अपने पास लक्षण पाए जाने पर चेकअप करवाएं. 

* मांस और अंडे को खूब पका कर खाएं

Source - the lalantop 


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