शुक्रवार, 6 दिसंबर 2019

पाइरेट्स (pirates) नाइजीरिया के तट पर हांगकांग के झंडे वाले जहाज को समुद्री डाकुओ ने अगवा किया है

पाइरेट्स


 पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन फिल्म आपने जरूर देखी होगी. जो समुद्री डाकू पर आधारित एक फिल्म है. जिसमें समुद्री लुटेरों का अभिनय करने वाले एक्टिंग को खूब सराहा गया था, लेकिन जब यह घटनाएं वास्तविक रूप में होती हैं तो ना कोई समुद्री मार्ग और सुरक्षा प्रभावित होती है बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बहुत बड़ा खतरा उभर कर आता है. दुनिया के एक छोर से दूसरे छोर तक फैलाया विशाल समुद्र अपने अंदर विशाल संभावनाएं समेटे हुए हैं.
 यह धरती का सबसे व्यस्त रास्ता है दुनिया का करीब 80% व्यापार समुद्र के रास्ते से ही होता है. समुद्री लुटेरों और डकैतों के चलते समुद्री व्यापार चिंता के दायरे में है. दरअसल यह समुद्री लुटेरे कारोबारी जहाज लूटने और चालक दरों को अगवा करने के साथ-साथ, समुद्री व्यापार, समुद्र की सुरक्षा और समुद्री आवाजाही के लिए खतरा पैदा करती है
 जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता है. भारत समेत कई देशों ने समुद्री डाकू से अपने जहाजों को बचाने के लिए समुद्री मार्गो और समुद्री गाड़ियों में सेना तैनात की हैं.
 यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र ने भी इन पर रोक लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ सी के तहत नियम कायदे बनाए हैं. इसके बावजूद इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है
 ताजा मामला नाइजीरिया के तट पर हांगकांग के झंडे वाले जहाज को समुद्री डाकू ने अगवा कर लिया. अगवा किए गए 19 चालको में से 18 भारतीय भी शामिल है.
तो आज हम बात करने जा रहे हैं कि समुद्र के जरिए व्यापार या आवागमन करना कितनी चुनौती बन चुका है इसको हम समझेंगे
 इस तरह की गतिविधियों से व्यापार एवं अन्य गतिविधियों पर कितना असर पड़ता है
 और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन ने इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए किस तरह के नियम कायदे बनाए हैं
 हांगकांग की झंडेवाली एक जहाज का अपहरण

नाइजीरियाई तट के पास समुद्री लुटेरों ने हांगकांग की धंधे वाली एक जहाज का अपहरण कर लिया है
इसमें 19 लोग सवार थे जिसमें 18 भारतीय हैं
यह सभी चालक दल के सदस्य 3 के टैंकर पर तैनात हैं
समुद्री तट पर नजर रखने वाली एक वैश्विक एजेंसी ने जानकारी दी है
जानकारी के बाद नाइजीरिया में स्थित भारतीय मिशन ने भारतीयों को बचाने के लिए अफ्रीकी राष्ट्र के अधिकारियों से संपर्क बनाया है

International maritime organization (IMO) केमुताबिक 
साल 2019 के पहले 9 महीने में दुनिया भर में हुए 95 समुद्री डकैती और अन्य घटनाओं में से 17 नाइजीरिया के आसपास के समुद्री इलाके में हुई है

वही समुद्री जहाज के चालक दल के अपहरण की घटनाओं में से कुल 82 प्रतिशत घटनाएं गिनी की खाड़ी में हुई
 दुनिया की ज्यादा देशों की सीमा समुद्र से लगती है. समुद्र से लगी 100 से ज्यादा अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है. रोजाना समुद्र के रास्ते लाखों पोतो की आवाजाही होती है. ऐसी में समुद्री लुटेरों के लिए यह लूट का बड़ा अंडा भी बन गया है

UN के मुताबिक


छोटे दीपों के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी का बड़ा जाल दुनिया के कई इलाकों में फैला हुआ है
संयुक्त राष्ट्र संघ की सतत विकास का 14वां बिंदु इसी बात पर जोर देता है
कि इन अपराधों पर नकेल कसकर तटीय इलाकों में शांति बहाल की जाए
ताकि आर्थिक विकास की गति तेज हो सके
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके लिए वैश्विक समुद्री अपराध कानून बनाया गया है
जिसमें सभी महानगरों पर विस्तार से बात की गई है
 1982 यूएन की समुद्री कानून संधि

समुद्र में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए  1982 में समुद्री कानून संधि बनाई है
दरअसल यूएन की समुद्री कानून संधि एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है
जो विश्व की सागर और महासागर पर देशों के अधिकार और जिम्मेदारियां निर्धारित करता है
और समुद्री साधनों के प्रयोग के लिए नियम स्थापित करता है
1982 के UN कन्वेंशन ऑनलाइफ सी यानी UNCOLS अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत खासकर धारा
100 से 107 तक और धारा 110 मे समुद्री डकैती को रोकने की बात कही गई है

 समुद्री लूट के खिलाफ कानून



समुद्री संधि कानून की धारा 100
लूट और डकैती के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन की संहिता
यूएन सुरक्षा परिषद ने सोमालिया में लूट रोकने के लिए प्रस्ताव 1772 और 1816 पारित किया
इसके बाद समुद्री लूट पर दुनिया के कई देशों ने कड़ी कदम उठाए
2007 -08 मे जब सोमालिया में समुद्री लुटेरों ने आतंक फैलाना शुरू किया
तो सुरक्षा परिषद की विशेष प्रस्ताव के बाद यहां अंतरराष्ट्रीय नौसेना की तैनाती की गई
ताकि लुटेरों पर नकेल कसा जा सके
 समुद्री आतंकवाद के खिलाफ कदम
संयुक्त राष्ट्र की विशेष संधि
समुद्र में गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ संधि
अंतर्राष्ट्रीय जहाज और बंदरगाह सुरक्षा संहिता तैयार की गई
2004 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा का प्रस्ताव 1526 पारित किया गया
2006 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 1735 पारित किया गया
समुद्री आतंकवाद पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है
 नशीले पदार्थों की तस्करी पर कानून
समुद्री संधि की धारा 108
तस्करी के खिलाफ कड़े कानून बनाए गए हैं
1997 में अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन का विशेष प्रस्ताव को मंजूरी दी
नशीली पदार्थों पर लगाम कसने का प्रस्ताव
विश्व कस्टम संगठन की स्थापना
यूएनओडीसी को कई अधिकार हासिल

 समुद्री अपराध कार्यक्रम के वित्तीय सहयोगी

यूएन ट्रस्ट  - 26%

नीदरलैंड- 17.9%
ब्रिटेन- 17.5%
यूरोपियन यूनियन – 12.8%
डेनमार्क – 9.6%
नार्वे – 8.6%
अमेरिका -4.7%
ऑस्ट्रेलिया- 3.0%

 इतिहास


समुद्री लूट की घटना बहुत पुराना है
जब से समुद्री व्यापार शुरू हुआ है
तब से समुद्री लूट शुरू हो गई है
ईसा पूर्व चौदहवीं सदी में समुद्री व्यापार की शुरुआत हुई थी
उसी के साथ ही समुद्र में लूट का सिलसिला भी जारी हो गया था
उसी समय भूमध्य सागर में होने वाली डकैती के पीछे अधिकतर रोमन. ग्रीस होते थे
एक बार तो समुद्री डकैतों ने मशहूर लेखक जुलियस सीजर को भी बंधक बना लिया था
8 वीं और 12 वीं सदी के दौरान वाइकिंग्स ने की कई लूट
1620 से 1720 तक समुद्री डकैती की सबसे ज्यादा घटनाएं हुई
जिसे समुद्री डकैती का गोल्डन युग भी कहा जाता है
समुद्री डकैतों का सबसे बड़ा गढ़ सोमालिया है
सोमालियाई डकैती की शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी
इसका सबसे बड़ा कारण सोमालिया में व्याप्त राजनीतिक अस्थिरता और गरीबी है
यह बढ़ती बढ़ती इतना बढ़ गया यह सोमालियाई डकैत इंटरनेशनल शिपिंग के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं
आंकड़ों के लिहाज से समझे तो समुद्री डकैतों ने सीपिंग क्षेत्र में बड़ी मुसीबतों का काम किया है
समुद्री डाकू हमलों से खतरे में आने वाले क्षेत्रों में इंडोनेशिया,  फिलीपींस और नाइजीरिया शामिल है
यहां समुद्री डाकू खुद आसपास के प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता से आकर्षित होते हैं
तीन परिवहन के लिए रणनीतिक मार्ग जैसे कि सोमालिया या इंडोनेशिया के समुद्री तट  अपराध के लिए कुछ अच्छे तो बन गए हैं
2009 की तेल टैंकरों ने मलक्का जलडमरूमध्य के माध्यम से प्रतिदिन 13.6बिलियन बैरल तेल भेजा
यह यूरोपीय संघ में आयातित तेल के दैनिक मात्रा से काफी ज्यादा था
2018 में तेल की कीमतों में लगभग 70 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी के साथ
कच्चे तेल का बैरल का अपहरण समुद्री डाकू के अपहरण का केंद्र बन गया

 समुद्री डकैती


2010 में 445 समुद्री डकैती घटना
2016 से 2017 में वेनेजुएला में समुद्री डकैती की 12 घटनाएं
2018 में समुद्री डकैती की 201 घटनाएं दर्ज हुई
3 अप्रैल 2017 को सोमालिया के समुद्री लुटेरों ने भारतीय मालवाहक जहाज हाईजैक किया
इससे पहले 2014 में भारत के साथ नाविकों को 4 साल तक बंधक बनाया
2011 में समुद्री लूट के लिए 237 हमले हुए
 वर्ल्ड बैंक के अध्ययन के मुताबिक
सोमालिया के समुद्री लुटेरे हर साल ग्लोबल इकोनामी को कई देशों की जीडीपी से भी ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं
सोमालिया के डाकुओं के चलते ग्लोबल इकोनामी को हर साल करीब 18 अरब डालकर नुकसान होता है
यह भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान के कुल जीडीपी से भी ज्यादा है

 महासागरों की अहमियत


दुनिया की जनसंख्या की 30% आबादी तटीय क्षेत्र में रहती है
दुनिया के 80% कारोबार समुद्र के जरिए ही होता है
भारत में भी 95% व्यापार समुद्र के रास्ते ही होता है
 समुद्री गतिविधियां
 वैश्विक चुनौतियां
दुनिया के 20 फीट जी कोरल रीफ समाप्त हो गए हैं
20 फिजी कोरल रीफ विकृत हुए हैं
मैंग्रोव की मात्रा 30 से 50 फीट की घट गई है
29 फीट जी समुद्री घास गायब हो गई है
संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन के मुताबिक
समुद्री मछली भंडार का जरूरत से ज्यादा शोषण हुआ है
दोहन 1974 में 10:00 पर्सेंट से बढ़कर 2008 में 32% हुआ है
जबकि वैश्विक स्तर पर मछलियां पकड़ने का व्यवसाय
1950 में 16.7 मिलियन मीट्रिक टन था
वहीं 2018 में 178 8 मिलियन मीट्रिक टन पहुंच गया
वैश्विक शांति और स्थिरता खतरे में है
सोमालियाई समुद्री लुटेरों ने भारत समेत अन्य देशों के पोतो  को बनाया निशाना
हिंद महासागर क्षेत्र में दुनिया के 75% से अधिक समुद्री व्यापार होते हैं
और 50% वैश्विक तेल खपत आई ओ आर से होकर गुजरता है
इसके बावजूद समुद्री आतंकवाद,  समुद्री डकैती, मानव तस्करी, अवैध और अनियमित रूप से मछली पकड़ना, हथियार चलाना और शिकार करना उस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को चुनौती देता है
सभी देशों के बीच आम सहमति का अभाव
एक बड़ी चुनौती है
अपने हिसाब से समुद्र नियम बनाने की देशों की प्रवृत्ति
समुद्री डकैत की पहचान करना मुश्किल कार्य

 भारत का प्रयास


भारतीय विशेष आर्थिक क्षेत्र और पश्चिम की ओर देशांतर रेखा से 65 डिग्री पूर्व तक भारतीय नौसेना ने चौकशी बढ़ाई
भारतीय व्यापारिक जहाजों में सशक्त गार्ड तैनात करने की दिशा निर्देश जारी किए गए हैं
नौसेना ने ओमान की सलाह से समुद्री डकैती रोकने के लिए p18  long-range मेरी टाइम सर्विस लाइन एयरक्राफ्ट तैनात किया है
2008 से अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती विरोधी गश्त जारी
देश की तरह से समुद्र से घिरा है
95% व्यापार समुद्र से होता है
26 \11 हमला करने के लिए आतंकवादियों ने मुंबई के समुद्र तट का ही सहारा लिया था
यही वजह है कि समुद्र समुद्र नीति देश के लिए काफी अहमियत रखते हैं|

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