शनिवार, 7 दिसंबर 2019

Hydrogen car

हाइड्रोजन कार

Hydrogen car

 हाइड्रोजन कार्य की विषय पर बात करने का वजह है पर्यावरण, लगता बढ़ते प्रदूषण और जहरीली हवा के कारण जब पूछे जाते हैं तो सड़कों पर चल रही वाहनों की संख्या को गिनाया जाता है.

कई उपाय करने के बावजूद भी वाहनों से निकलने वाले धुएं का कोई निवारण नजर नहीं आता है. ऐसी में हाइड्रोजन ईंधन में उम्मीद की किरण दिखाई देती है.

 यह फ्यूल पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ ही वाहनों के लिए भी बेहतर माना जाता है. यही वजह है कि हाइड्रोजन को भविष्य के ईंधन के रूप में देखा जाता है.

हालांकि हाइड्रोजन फ्यूल के इस्तेमाल में अभी बहुत चुनौती भी है जिस से पार पाने की कोशिश की जा रही है. हाइड्रोजन ईंधन के उपयोगिता को देखते हुए बतौर पर प्रोजेक्ट इसका इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके काफी सकारात्मक परिणाम देखने को मिला है

. तो आज जानेंगे हाइड्रोजन ईंधन की विशेषता और इसके इस्तेमाल में आने वाली चुनौतियों को और साथ ही जानेंगे हाइड्रोजन ईंधन को बनाने वाले मैकेनिज्म को

External link - https://en.m.wikipedia.org/wiki/Hydrogen_vehicle
पेट्रोल और डीजल से निकलने वाला धुआं सबसे ज्यादा प्रदूषण फैला रहा है.
 जो न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा है बल्कि पर्यावरण को भी काफी नुकसान पहुंचा रहा है. यही वजह है कि दुनिया भर की कार कंपनियां कई सालों से पेट्रोल और डीजल के विकल्प के तौर पर नए-नए इंधन खोजने में लगी हुई है. इसके लिए कई वैकल्पिक तरीके भी इजाद किए जा रहे हैं

 इसी कड़ी में ट्वेटा समेत कई कार कंपनियां नइ  हाइड्रोजन कार लेकर आ रही हैं. इन कारों का कार्बन उत्सर्जन लेवल शून्य है. जल्द ही इन कारों का बाजार में आने की संभावना है

 हाइड्रोजन फ्यूल सेल


 खासियत


वाहन के प्रेरक शक्ति के लिए हाइड्रोजन ईंधन का उपयोग
हाइड्रोजन,  वाहनों के लिए सबसे अच्छा इंधन
सबसे साफ इंधन और पानी की तरह हवा में कोई प्रदूषक तत्व नहीं छोड़ता
एक बार टैंक फूल होने पर हाइड्रोजन कार 400 से 600 किलोमीटर तक चल सकती है
साथ ही यह कार 4 से 5 मिनट में रिफ्यूल हो जाती है
जबकि इलेक्ट्रिक कार को चार्ज होने में 24 घंटा का समय लगता है

 तकनीक


हाइड्रोजन फ्यूल रसायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है
जो हाइड्रोजन गैस और ऑक्सीजन का उपयोग करता है
चुकी वायुमंडल में ऑक्सीजन आसानी से उपलब्ध है. इसीलिए ईंधन सेल को केवल वाहन को बिजली देने के लिए आवश्यक हाइड्रोजन की आपूर्ति जरूरी है

हाइड्रोजन में उच्च ऊर्जा पाई जाती है और इंजन में इसका दहन होने पर कोई प्रदूषण नहीं होता है

स्पेस शटल समेत अन्य रॉकेट को स्पेस में भेजने के लिए नासा 1970 से द्रव हाइड्रोजन का इस्तेमाल कर रही है

स्पेस शटल के इलेक्ट्रिकल सिस्टम को हाइड्रोजन फ्यूल सेल के जरिए पावर मुहैया कराया जाता है

जिससे पानी के रूप में स्वच्छ उत्पाद पैदा होता है
जिसका इस्तेमाल अंतरिक्ष यात्री पानी के लिए करते हैं

केमिकल रिएक्शन से पैदा होती ऊर्जा हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के मिश्रण से फ्यूल सेल्स इलेक्ट्रिसिटी हिट और पानी का उत्पादन होता है

फ्यूल सेल की तुलना अक्सर बैटरियो से किया जाता है
बैटरी और फ्यूलसेल दोनों ही केमिकल रिएक्शंस के जरिए ऊर्जा पैदा करते हैं
जिसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक पावर के रूप में किया जाता है
फ्यूल सेल में बताओ निधन हाइड्रोजन की आपूर्ति जरूरी है

 हाइड्रोजन गैस के फायदे और चुनौतियां


लगातार बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने की तमाम कोशिशों के बाद अब हाइड्रोजन फ्यूल पर विचार किया जा रहा है
मकसद है कि हम और आप स्वस्थ आबोहवा में खुलकर सांस ले सकें
हमको मुंह पर मास्क लगाकर घुटती हुई सांस लेने की जरूरत नहीं है
प्रदूषण स्तर बढ़ने  पर कई तरह के उपाय किए जा रहे हैं
निर्माण कार्य बंद कर सड़कों, निर्माणकार्यों और धूल वाले जगहों पर पानी का छिड़काव करने समेत

बड़े प्रोजेक्ट्स को निर्माण सामग्री मुहैया कराने वाले रेडीमेड प्लांट,  हॉट मिक्स प्लांट और स्टोन प्रेशर को भी प्रतिबंधित कर दिया जाता है
लेकिन परिणाम सही नहीं रहता है ऐसे में हाइड्रोजन फ्यूल से ढेर सारी उम्मीदें नजर आती है

 हाइड्रोजन कार


 हाइड्रोजन ईंधन के फायदे


हाइड्रोजन ईंधन काफी स्वच्छ इंधन है
प्रदूषक तत्व नहीं छोड़ता है हाइड्रोजन
पर्यावरण के अनुकूल है हाइड्रोजन
वाहनों के लिए बेहतर ईंधन हाइड्रोजन

हाइड्रोजन से चलने वाली कारे  ग्रीन हाउस गैसों में कटौती करने की एक बड़ी माध्यम भी बन सकती है

हाइड्रोजन कारों के इस्तेमाल का फायदा देखते हुए दुनिया के अलग-अलग जगह पर इसका इस्तेमाल हो रहा है

हाइड्रोजन फ्यूल वाले कारों का इस्तेमाल फिलहाल तीन देशों कैलिफोर्निया,  जापान और यूरोप में हो रहा है|

यहां भी इस फ्यूल का प्रयोग पॉपुलर प्रोजेक्ट के रूप में किया जा रहा है

2017 के अंत तक पूरी दुनिया में हाइड्रोजन कारों की संख्या मात्र 6475 थी जिसमें से 53 प्रतिशत कारे  अकेले कैलिफ़ोर्निया में है
30 प्रतिशत के साथ जापान दूसरे नंबर पर हैं
9:0पर्सेंट के साथ हीरो तीसरे नंबर पर है
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2021 तक ऑटोमोबाइल कंपनियां हाइड्रोजन कार का उत्पादन करने लगेंगे

 हाइड्रोजन के बताओ ईंधन के तौर पर कई फायदे हैं किंतु इसके इस्तेमाल को लेकर कई चुनौतियां भी हैं

हाइड्रोजन एक प्राकृतिक संसाधन के रूप में भारी मात्रा में उपलब्ध है
धरती के 70% भाग को ढकने वाला सबसे बड़ा घटक है
 हाइड्रोजन के दो परमाणु और ऑक्सीजन के एक परमाणु से मिलकर पानी एक अणु का निर्माण करते हैं

 हाइड्रोजन ईंधन को लेकर चुनौती


हाइड्रोजन को ऑक्सीजन से अलग करना
पर्याप्त हाइड्रोजन और जियो थर्मल संसाधन की जरूरत
बहुत महंगा होना हाइड्रोजन फ्यूल के मामले में एक बड़ी चुनौती है

यही एक वजह है कि अभी विदेशों में भी यह ईंधन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रयोग किया जा रहा है

हाइड्रोसील टूल काफी एडवांस तकनीक पर आधारित और काफी महंगा है

वैज्ञानिक पानी से हाइड्रोजन अलग करने के गैर परंपरागत स्रोत पर भी काम कर रहे हैं

और उम्मीद की जा सकती है कि हाइड्रोजन के इस्तेमाल में आ रही अड़चने जल्द ही दूर होंगे

हाइड्रोजन ईंधन का इस्तेमाल सशक्त ईंधन के रूप में हम प्रयोग कर पाएंगे

 ऊर्जा के स्रोत

 विकल्प


दुनिया भर में सीएनजी का इस्तेमाल
भारत दुनिया में सबसे ज्यादा सीएनजी गाड़ियों वाले 5 देशों में शामिल है

सीएनजी कुकिंग गैस की तरह लो कार्बन इंधन है
जिसका इस्तेमाल जर्मनी इटली, एशिया और दक्षिण
अमेरिका में लोकप्रिय है

और इसी तरह गाड़ियों की इंधन के लिए एलपीजी और एलएनजी का इस्तेमाल भी दुनिया भर में किया जा रहा है

दुनिया अब फ्यूचर कार के रूप में इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन कार को देख रही है

इलेक्ट्रिक कार में बैटरी में स्टोर किए गए ऊर्जा का इस्तेमाल होता है

चार्ज करने के लिए पोर्ट की जरूरत होती है
हाइड्रोजन कार में फ्यूल सेल का इस्तेमाल होता है
ऊर्जा बनाने के लिए रिएक्ट करना

इलेक्ट्रिक कार को इलेक्ट्रिक बोर्ड से चार्ज करने की जरूरत
हाइड्रोजन कार को प्रेशराइज हाइड्रोजन से रिचार्ज करना जरूरी है
दोनों की छमता में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है
इलेक्ट्रिक कार बैटरी की वजह से ज्यादा सफल नहीं है
हाइड्रोजन कार इंजन की वजह से बेहतर है
हाइड्रोजन का इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल में काफी समय लग सकता है

इसलिए कुछ ऐसी तकनीक और ग्रीन फ्यूल भी इजाजत किए गए हैं जो कार्बन उत्सर्जन कम करने में लगातार मददगार साबित हो

ऐसा ही एक इंधन है एड ब्लू डीजल एग्जास्ट फ्लुएड इंधन
नाइट्रोजन ऑक्साइड को भाप और नाइट्रोजन मे बदल देते हैं
इसके अलावा एक और विकल्प के आधार पर बायोडीजल का इस्तेमाल शुरू किया जा रहा है

बायोडीजल क्लीन वार्निंग अक्षय ऊर्जा है
रसायनिक प्रक्रिया से बनाया जाता है

वनस्पति तेल और फैट्स non-toxic
ऊर्जा में तब्दील कर देता है
पेट्रोल के विकल्प के तौर पर एथेनॉल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है

100% शुद्ध एथेनाल का इस्तेमाल
रेगुलर अनलिडेड फ्यूल कौन कंस्ट्रेशन  के साथ प्रयोग
गन्ने और मक्के के अवशेषों को प्रोसेस कर बायोफ्यूल का निर्माण करने में
एथेनाल कम प्रदूषण करने वाला स्थाई ईंधन
स्टीम कार भी विकल्प के तौर पर मौजूद
 काइनेटिक यानी गतिज ऊर्जा का इस्तेमाल पेट्रोल या डीजल के विकल्प के रूप में

पेट्रोल डीजल की दो तिहाई उर्जा हिट बनकर बर्बाद हो जाती है
थर्मोइलेक्ट्रिक तकनीक के जरिए हिट से उर्जा उत्पादन संभव
इस तकनीक पर कई कंपनियां काम कर रही है
थर्मोइलेक्ट्रिक पैनल के जरिए ईंधन की खपत 5% तक कम होती है
हवा से भी ऊर्जा बनाने के तरीके पर काम किया जा रहा है
कंप्रेस्ड एयर से पावर जनरेट करना संभव
कई तरह के विकल्पों में
लिक्विड नाइट्रोजन का इस्तेमाल

प्रेशराइज्ड टैंक में गर्म करने से हाई प्रेशर गैस का निर्माण

हाई प्रेशर गैससी पिस्टन और इंजन को चलाया जा सकता है
हालांकि लिक्विड नाइट्रोजन की क्षमता बाकी फॉसिल फ्यूल से कम है
इसके उत्पादन में बिजली की जरूरत पड़ती है

 निष्कर्ष


 पर्यावरण प्रदूषण इस समय विश्व की सबसे बड़ी खतरा बनकर सामने आई हुई है इसलिए यह खोज की जा रही है कि हाइड्रोजन कार के लागत को कम किया जाए और भविष्य में इसके इस्तेमाल की गुंजाइश है|

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