सोमवार, 2 दिसंबर 2019

50th international film festival of india

50th  इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आफ इंडिया गोवा


 फिल्मे सिर्फ मनोरंजन का जरिया नहीं है यह सांस्कृतिक मेलजोल से लेकर संस्कृतियों को समझने का एक माध्यम भी है. 9 दिनों तक चले गोवा के पणजी में भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भी यही  देखने को मिला.
 इस बार का इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया कई मायनों में बेहद खास था.IFFI  भारत का गौरव है इस बार स्वर्ण महोत्सव स्वर्ण जयंती फेस्टिवल था
 50 वी इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आफ इंडिया की शुरुआत 20 नवंबर को हुई, पणजी में केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, गोवा के सीएम प्रमोद सावंत, अमिताभ बच्चन,  रजनीकांत ने 50 वी IFFI की  शुरुआत की. समारोह में अभिनेता रजनीकांत को गोल्डन ज्वेलरी अवार्ड से सम्मानित किया गया. फ्रेंच एक्टर इसाबेल को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया.

इस मौके पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा - फिल्में समाज की प्रतिबिंब होती हैं, और भारतीय सिनेमा की दुनिया में एक पहचान है|

 इस समारोह में बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन जी को भी सम्मानित किया गया 9 दिन की फिल्म समारोह का समापन 28 नवंबर को हुआ. इस साल कुल 70 देशों की 200 से अधिक फिल्मों का प्रदर्शन किया गया जिसमें 24 फिल्में ऑस्कर के लिए नामांकित किए गए हैं|

 उद्घाटन


समारोह का उद्घाटन फिल्म  डिस्पाइट द फाग से  किया गया
 इसके निदेशक इटली की मशहूर फिल्म निर्देशक पास्कल हैं
फिल्म में एक सरणार्थी  व्यक्ति की कहानी दिखाई गई है
ईरानी फिल्म निर्माता मोहसन मफ्फन बाल की फिल्म मार्गे एंड हर मदद से इस फिल्म की समापन की गई|

 भारतीय पैनोरमा


26 फीचर्स फिल्में और 15 नॉन फीचर फिल्मे  शामिल की गई भारतीय पैनोरमा में
भारतीय पैनोरमा फेस्टिवल का  फ्लैगशिप सेक्शन है
जिसमें  बेहतरीन भारतीय कम कंटेंपरेरी फीचर फिल्म और नॉन फीचर फिल्म दिखाई जाती है
इस बार फीचर फिल्म जूरी के प्रमुख जाने-माने फिल्मकार प्रियदर्शन
इस बार की जूरी ने अभिषेक शाह के निर्देशन में बनी गुजराती भाषा की फिल्म हल्लारो  को भारतीय पैनोरमा की शुरुआत के लिए चुना
इस कैटेगरी की 26 फिल्मों में हिंदी समेत मराठी,  बंगाली, कन्नड़,  तमिल,  तेलुगु,  मलयालम,  खासी गारो, इरुला, पनिया और गुजराती भाषा की फिल्में शामिल है
हिंदी भाषा की फिल्मों में उरी, गली ब्वॉय जैसी  मेंस्ट्रीम फिल्मों को चुना गया
वही नॉन फीचर फिल्म जूरी के प्रमुख श्री राजेंद्र जंगले हैं
जिन्होंने इस कैटेगरी में आशीष पांडे द्वारा निर्देशित फिल्म नूरेह  को शुरुआत के लिए चुना
इस कैटेगरी में हिंदी और अंग्रेजी भाषा के साथ असमिया,  बंगाली,  ब्रिज, कश्मीरी और मलयालम भाषा की फिल्में चुनी गई
महोत्सव के स्वर्ण जयंती वर्ष में ओपिनियन स्क्रीनिंग भी खासा आकर्षण रहा जिसका विषय ज्वाय ऑफ सिनेमा रखा गया
इस वर्ग में पुरानी और हास्य फिल्में सहित 14 फिल्मे प्रदर्शित की गई
जिसे देखने के लिए दर्शकों में काफी उत्साह दिखा
किशोर कुमार की हिट फिल्म पड़ोसन और चलती का नाम गाड़ी इस श्रृंखला में महत्वपूर्ण फिल्में रही
बधाई हो और टोटल धमाल जैसी फिल्में भी दिखाई गई
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया 2019 में निर्देश को के कार्य को सबसे ज्यादा तरजीह मिली है
इस बार निर्देशको को को उनकी पहली फिल्म के लिए सम्मानित किया गया

 डेब्यू फिल्म कंपटीशन

डेब्यू फिल्म कंपटीशन में सात देसी विदेशी फिल्म को नॉमिनेट किया गया
अबाउट लीला, हेल्लारो, मॉन्स्टर्स, माई नेम इज सारा, क्लेवो, रोमांग, और विजेता को एक सिल्वर मयूर पँख और दस लाख इनाम राशि दी जाएगी
हर बार की तरह इस बार भी सिनेमा का सबसे बड़ा पुरस्कार दादा साहब फाल्के प्रदान किया गया है
यह सम्मान बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को दिया गया है


दादा साहब फाल्के पुरस्कार पाने वाले कलाकार के सम्मान में हर बार महोत्सव में उनकी फिल्मों का प्रदर्शन किया जाता है
अमिताभ बच्चन की यादगार फिल्मों में दीवार, बदला, पीकू,  शोले और ब्लैक दिखाई दे|
इसके अलावा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आफ इंडिया किशोर जयंती पर भारतीय कलाकारों को भी सम्मानित किया गया
 दक्षिण के महानायक रजनीकांत को आइकॉन ऑफ गोल्डन ज्वेलरी का सम्मान दिया गय

 फिल्मकारों को श्रद्धांजलि

1885 की फिल्म अग्नि शान के लिए बीजू फूकन को श्रद्धांजलि दी गई
1997 में आई मरुणाचलम के कलाकार मोहन रंगाचारी को भी श्रद्धांजलि दी गई
जानी-मानी निदेशक और एक्टर गिरीश कर्नाड को श्रद्धांजलि दी गई
कई फिल्मों में अभिनय और सामान लिखने के लिए कादर खान को श्रद्धांजलि दी गई
उमराव जाने में संगीत देने के लिए संगीतकार खय्याम को श्रद्धांजलि दी गई
फिल्मांकन के लिए एमजी राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी गई
मशहूर निर्देशक मृणाल सेन को श्रद्धांजलि दी गई
असमिया निदेशक मुनीम बरुआ को श्रद्धांजलि दी गई
निर्माता राजकुमार बड़जात्या को श्रद्धांजलि दी गई
एक्ट्रेस और सिंगर रूमा गुहा ठाकुर्ता
एक्शन निर्देशन वीरू देवगन को श्रद्धांजलि दी गई
एक्ट्रेस विद्या सिंहा को श्रद्धांजलि दी गई
डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर विजय मुलाई को श्रद्धांजलि दी गई

 इतिहास

इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया का इतिहास 67 साल पुराना है
पहला भारतीय फिल्म महोत्सव 1952 में मुंबई में आयोजित की गई थी
1965 में नई दिल्ली को आयोजित हुआ तीसरा संस्करण
त्रिवेंद्रम, चेन्नई, मुंबई,  कोलकाता,  हैदराबाद और बेंगलुरु में भी आयोजित किया गया था इसका संस्करण
2004 के बाद गोवा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आफ इंडिया का स्थाई आयोजन स्थल बन गया
इंटरनेशनल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया एशिया का पहला फिल्म महोत्सव है
 पहला महोत्सव

इसमें हिंदी फिल्म आवारा,  तेलुगू फिल्म पाताल भैरवी, मराठी फिल्म अमर भूपाली, और बांग्ला फिल्म बबला भारतीय प्रविष्ठियां थी
इसके अलावा इसमें जो अंतरराष्ट्रीय फिल्म दिखाइए उनमें इटली की बाइसिकल थीफ, मीराकल ऑफ मिलान और ओपन सिटी है
जापान की यूकिवारिसों, ब्रिटेन की डांसिंग फ़्लिस,
रूस की फॉल बर्लिन और अमेरिका की द रिवर प्रमुख थी

 सफर


दूसरे संस्करण का आयोजन नई दिल्ली में हुआ
जनवरी 1965 में नई दिल्ली में हुआ आयोजित तीसरा संस्करण इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आफ इंडिया का
उनसे 75 से फिल्म उत्सव शुरू हुआ लेकिन बाद में इसे फिल्म महोत्सव आई एफ एफ आई में ही मिला दिया गया
1975 में छठा फिल्म महोत्सव कोलकाता में आयोजित हुआ था
बादमिया त्रिवेंद्रम, चेन्नई,  मुंबई, कोलकाता,  हैदराबाद और बेंगलुरु में भी आयोजित होता रहा
2004 में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया का आयोजन गोवा में हुआ
2004 में ही इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आफ इंडिया वार्षिक समारोह बन गया और इसकी प्रकृति प्रतिस्पर्धी हो गई
2004 के बाद गोवा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आफ इंडिया का स्थाई आयोजन स्थल बन गया
 तब से गोवा में हर साल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आफ इंडिया आयोजित किया जाता है|


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