शुक्रवार, 1 नवंबर 2019

ट्राई क्या है? जाने ट्राई का बड़ा फैसला, मोबाइल और लैंडलाइन पर अब इतने सेकेंड बजेगी घंटी |

ट्राई का बड़ा फैसला, मोबाइल और लैंडलाइन पर अब इतने सेकंड बजेगी घंटी 

आपके मोबाईल पर कितने सेकंड का कॉल रिंग टाइम होता है, यह आपको भी पता नही होगा क्योंकि इससे पहले इसकी समय सीमा तय नही थी, लेकिन अब दूर संचार विनियामक (ट्राई ) ने शुक्रवार को फ़ोन कॉल रिंग टाइम को लेकर समय सीमा तय कर दी है |

ट्राई  क्या है? 

भारतीय दूर संचार विनियामक प्राधिकरण (टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया -ट्राई ) , भारत में दूर संचार पर नियंत्रण हेतु एक स्वायत नियामक प्राधिकरण है,  इसका गठन 1997 में भारत सरकार द्वारा किया गया था |

ट्राई द्वारा दिया गया आदेश  |


1)  ट्राई ने आदेश दिया है की सभी मोबाइल कंपनीया कॉल रिंग टाइमिंग सेट करे |
2) ट्राई ने तय किया है की मोबाइल फ़ोन के लिए 30 सेकंड कॉल रिंग टाइम और लैंडलाइन पर 60 सेकंड तक घंटी बजेगी |
3) अगर कॉल का उत्तर नही देंगे और रिजेक्ट नही करेंगे तो भी मोबाइल पर 30 सेकंड तक और लैंडलाइन पर 60 सेकंड तक घंटी बजेगी , इसके बाद वो कट जायेगा |



रिलाइंस जिओ द्वारा पुराने दूरसंचार सेवाप्रदाताओं पर आरोप 

1) अभी तक भारत देश में  इनकमिंग कॉल्स के लिए घंटी बजने की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं थी |
2) रिलायंस जियो ने वोडाफोन,  आइडिया,  एयरटेल सहित सभी पुराने दूरसंचार सेवा प्रदाताओं पर आरोप लगाया था|
3) आरोप यह था कि आईयूसी की अवैध वसूली के लिए यह कंपनियां फिकस्ड लाइन नंबर को गलत तरीके से मोबाइल नंबर के रूप में उपयोग कर रही है | 
4) रिलायंस जिओ का ट्राई से यह मांग था कि ट्राई इन  कंपनियों पर जुर्माना लगाये और इसकी लाइसेंस रद्द करें|


एयरटेल का जिओ पर पलटवार |


1) एयरटेल ने जिओ पर पलटवार करते हुए, जिओ पर ट्राई को भ्रमित करने का आरोप लगाया था |
2) एयरटेल ने कहा कॉल कनेक्ट चार्ज( इंटरकनेक्ट उपयोग चार्ज ) लागू होने से जिओ ने ऐसा किया है |
3) दूरसंचार सेवा प्रदाताओं ने खुद इनकमिंग कॉल की घंटी बजने के समय में कटौती कर दी थी |
4) ऐसा करके वह दूसरे नेटवर्क के उपभोक्ता से वॉइस कॉल (कॉल बैक )कराने की रणनीति पर काम कर रही थी ताकि उन्हें फायदा हो सके| 

आखिर ट्राई ने ऐसा फैसला क्यों लिया? 

ट्राई के द्वारा लिए गए इस फैसले के पीछे मुख्य कारण, रिलेसन जिओ द्वारा पुराने दूरसंचार सेवाप्रदाता पर आरोप लगाना है, जिसके कारण जिओ ने ट्राई से यह मांग की थी की,  की ट्राई इन कम्पनीयों पर जुर्माना लगाए और लाइसेंस रद्द करे 
इसी कारण ट्राई ने ये फैसला लिया है |


ट्राई से मिली जानकारी |


 ट्राई के मुताबिक 28 फरवरी 2018 से लेकर 31 अगस्त 2019 तक एयर सेल के करीब 19 मिलियन लोगों ने अपना नंबर पोर्ट कराया बाकी सात करोड़ लोगों को 31 अक्टूबर से पहले नंबर पोर्ट करना  होगा |

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