शनिवार, 30 नवंबर 2019

भारत श्रीलंका सम्बन्ध ( गोटाबया राजपक्षे का भारत दौरा )

भारत श्रीलंका संबंध 2019

 श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाय राजपक्षे का भारत दौरा


 श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे सत्ता की बागडोर संभालने के बाद भारत दौरे पर आए हुए हैं इस यात्रा के दौरान इन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की इसके दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई ऐसी उम्मीद की जा रही है कि भारत और श्रीलंका के संबंध और मजबूत होने जा रही है भारत ने श्रीलंका को विकास के पथ पर आगे बढ़ने के लिए पूरा सहयोग करने का भरोसा जताया है दिल्ली के हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया  राजपक्षे के बीच 29 नवंबर को द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की बात हुई,
 इसमें भारत की ओर से श्रीलंका को 45 करोड डॉलर की आर्थिक मदद देने की घोषणा की गई. द्विपक्षी बैठक में आतंकवाद, तमिल मुद्दे, जातिवाद,  मेल मिलाव,  ढांचागत विकास और मछुआरों की समस्या जैसे मसलों पर सकारात्मक चर्चा हुई,
 और दोनों देशों ने संबंधों को नई ऊंचाई तक ले जाने का संकल्प जाहिर किया,
 मुलाकात के दौरान मोदी जी ने कहा -  “  की स्थिर श्रीलंका न केवल भारत की हित में है बल्कि संपूर्ण हिंद महासागर के हित में है”|


 भारत और श्रीलंका के राजनीतिक संबंध

2015 में श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना भारत दौरे पर आए
साल 2014 में तत्कालीन राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे भारत दौरे पर
 पीएम नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने भारत आए
मार्च 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका की यात्रा की
मई 2016 में श्रीलंका के राष्ट्रपति मैथिली पाल भारत की यात्रा पर आए
 जो भारत के साथ श्रीलंका के बेहतर संबंधों को दर्शाता है
मई 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय दौरा पर श्रीलंका गए
वहां पीएम मोदी वेसाक महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए, पीएम मोदी की यात्रा दोनों देशों के मजबूत संबंधों को बयां करती है

 भारत और श्रीलंका के आर्थिक संबंध


दिसंबर 1998 में पहले मुक्त व्यापार समझौता पर हस्ताक्षर किया गया
मुक्त व्यापार समझौता 1 मई 2000 को अस्तित्व में आया
2009 में लिट्टे के खात्मे के बाद भारत ने श्रीलंका में काफी पुनर्निर्माण के काम किए हैं
भारत ने श्रीलंका के बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए अरबों डॉलर दिए
2018 में श्रीलंका में भारत के सहयोग से आकस्मिक एंबुलेंस सेवा शुरू की गई
दोनों देशों के बीच 2001 में 0.7 बिलीयन डॉलर का व्यापार हुआ
2017 में यह बढ़कर 5 बिलियन डालर हो गया
2001 में भारत से श्रीलंका को 0.6 billion-dollar का निर्यात किया गया
जो 2017 में बढ़कर 4.5 बिलियन डॉलर हो गया
श्रीलंका का निर्यात 0. 6 बिलियन से बढ़कर 0.7 billion-dollar हो गया
भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में श्रीलंका का स्थान 52 वा है
जबकि भारत श्रीलंका में दूसरा सबसे बड़ा निवेशक देश है

 भारत और श्रीलंका की ऐतिहासिक संबंध


सदियों से पुराना संबंध है भारत और श्रीलंका का
धार्मिक और भाषाई समानता भी है
पौराणिक पुस्तकों में भारत और श्रीलंका के बीच आवागमन के प्रमाण मिलते हैं
श्रीलंका के इंटरनेशनल रामायण रिसर्च सेंटर और पर्यटन मंत्रालय दोनों ने मिलकर रामायण से जुड़े 50 स्थल ढूंढ निकाला है
जिनका पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व है इन स्थानों का रामायण में भी उल्लेख मिलता है
श्रीलंका के राजा देवनम्पिया टीस्सा के शासनकाल के दौरान भारतीय सम्राट अशोक के पुत्र महींदा  श्री लंका पहुंचे
चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में बौद्ध धर्म की शुरुआत की
बोधि वृक्ष का एक पौधा श्रीलंका में लाया गया
प्रथम मठ और बौद्ध स्मारक स्थापित किए गए
इसुरुमुनि - विहार और वेस्सा गिरी - विहार पूजा के महत्वपूर्ण केंद्र बने
अशोक को पथमक -चैत्य, जम्बोकोला विहार,  हत्थाल्हा - विहार और चाय खाने के निर्माण का श्रेय दिया जाता है|

 भारत और श्रीलंका के भाषाई संबंध


श्रीलंका की जनसंख्या में करीब 12.60 %हिंदू रहते हैं
सिंधी, बोरा,  गुजराती, मेमोंन पारसी मलयाली और तमिल लोग भी मौजूद हैं
श्रीलंका में बोली जाने वाली मुख्य भाषा सिंघली भारतीय भाषा से मिलती है
श्रीलंका में तमिलों के सबसे अधिक पूर्वज भारत से थे
2011 की जनगणना के मुताबिक भारतीय मूल के तमिल नागरिकों की संख्या एक करोड़ 600000 है
वही पाली भाषा जो भारत से श्रीलंका पहुंची एक मौखिक परंपरा के रूप में संरक्षित है
जिसे तीसरे  ईसा पूर्व के आसपास लिखित रूप में संरक्षित करने के लिए श्रीलंका के प्रतिबंध होने के साक्ष्य मिलते हैं

 भारत और श्रीलंका के सांस्कृतिक संबंध

29 नवंबर 1977 दोनों देशों के बीच दिल्ली में सांस्कृतिक सहयोग समझौता पर हस्ताक्षर किया गया
कोलंबो में भारतीय संस्कृतिक केंद्र सक्रिय रूप से भारतीय संगीत की कक्षाओं का आयोजन कर भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देता है
श्रीलंका में 21 जून 2015 को योग का पहला अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया गया
भारत और श्रीलंका ने संयुक्त रूप से भगवान बुद्ध के सम्बुध्दतत्व जयंती का आयोजन किया
इस प्रदर्शनी के दौरान लगभग 3 मिलियन श्रीलंकाई लोगों ने पवित्र अवशेषों को श्रद्धांजलि दी
अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संग्रहालय श्री दलादा मालीगावा में भारतीय गैलरी का उद्घाटन दिसंबर 2013 में किया गया था
दोनों सरकारों ने संयुक्त रूप से 2014 में सागरिका  धर्मपाल की 150वीं वर्षगांठ मनाई
12 मई 2017 को कैंडी में प्रधानमंत्री ने डांस अकादमी का अनावरण किया
1998 में एक अंतर सरकारी पहल पर आधारित इंडिया श्रीलंका फाउंडेशन का उद्देश्य नागरिक समाज के आदान-प्रदान के माध्यम से वैज्ञानिक,  तकनीक, सांस्कृतिक व शैक्षिक सहयोग को बढ़ाने और दोनों देशों की युवा पीढ़ियों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए किया गया
शिक्षा सहयोग का महत्वपूर्ण क्षेत्र है इसलिए भारत श्रीलंका के छात्रों को हर साल 290 छात्रवृत्ति स्लॉट प्रदान करता है
इसके अलावा भारत के तकनीकी और आर्थिक सहयोग योजना और कोलंबो योजना के तहत भारत श्रीलंका के नागरिकों को हर साल 370 स्लॉट देता है

 पर्यटन

पर्यटन भी भारत और श्रीलंका के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है
भारत सरकार ने 14 अप्रैल 2015 को श्रीलंका के पर्यटकों के लिए अनौपचारिक टूरिस्ट विजा शुरू की
दोनों देशों के साझा संस्कृति और विरासत आपसी संबंध को हमेशा मजबूत बनाए रखने के लिए एक कड़ी है

 तनाव



दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाने में चीन की काफी बड़ी भूमिका है
हंबनटोटा बंदरगाह का विकास कर चीन श्रीलंका के जरिए हिंद महासागर में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है
जो भारत के सामरिक हित में नहीं है
भारत की चिंता में भी वही है कि हिंद महासागर यानी श्रीलंका और मालदीव में चीन का वर्चस्व बढ़ता है तो उसे भारत और चीन के संबंधों के साथ ही दक्षिण एशिया देशों के साथ बीच संबंधों का असर पड़ सकता है
चीन ने कोलंबो बंदरगाह को विकसित करने में बड़ी भूमिका निभाई है
जबकि भारत ने कोलंबो बंदरगाह पर स्टर्न  कंटेनर टर्मिनल बनाने को लेकर श्रीलंका के साथ एक समझौता किया है
इसके चलते भारत आने वाला बहुत सारा सामान कोलंबो बंदरगाह से होकर आता है
ऐसे में श्रीलंका में कोई भी सत्ता में आए भारत को उसकी सहयोग की जरूरत पड़ेगी
इसके साथ दोनों देशों के बीच समुद्री सीमा के भीतर खासकर बाघजलडमरूमध्य और मन्नार की खाड़ी में मछुआरों की भ्रमण  की घटनाएं सामान्य बात है
ऐसे में दोनों देशों को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा लाइन पर किसी देश के वास्तविक मछुआरों के
 मुद्दे का समाधान करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे


 निष्कर्ष


 भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा शांति और आर्थिक विकास को महत्व देते हुए हमेशा मधुर संबंध बनाने के लिए तत्पर रहा है, यही वजह है कि स्टर्न के मौके पर हुए श्रीलंका में आतंकवादी हमले के बावजूद जून 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीलंका का दौरा किया और एक आशावादी दृष्टिकोण के साथ श्रीलंका की हिम्मत बढ़ाएं, प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका यात्रा ने कई विपक्षी समझौते के लिए जमीन बनाई है और काफी हद तक दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ाया है, इसके साथ भारत सरकार द्वारा श्रीलंका के साथ बेहतर संबंध बनाने का प्रयास जारी है, ऐसी उम्मीद की जा रही है गोटबया राजपक्षे और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात भारत और श्रीलंका के संबंध को और मजबूती प्रदान करेगी|

0 टिप्पणियाँ:

टिप्पणी पोस्ट करें

Thanks for comments